सार
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्रनील सेन को दुर्गा पूजा पास बिक्री मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उनकी संस्था ने यूनेस्को के नाम पर महंगे पास बेचे। पुलिस के मुताबिक, सेन ने जांच में सहयोग नहीं किया।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्रनील सेन को बुधवार को दुर्गा पूजा के पास बेचने में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। कोलकाता पुलिस ने उन्हें साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय से बाहर निकलते ही हिरासत में ले लिया। पुलिस का दावा है कि बार-बार तलब किए जाने के बावजूद सेन ने जांच में सहयोग नहीं किया।
बुधवार दोपहर सेन निर्धारित समय पर ईडी कार्यालय पहुंचे थे। उनसे पूछताछ के दौरान ही परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। जैसे ही वह कार्यालय से बाहर निकले, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। इस मामले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस के बाद तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार के एक और पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी हुई है।
यूनेस्को के नाम पर पास बेचने का आरोप
यह मामला दुर्गा पूजा के दौरान विशेष दर्शन और प्रिव्यू शो के नाम पर महंगे पास बेचने से जुड़ा है। आरोप है कि इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन से जुड़ी संस्था मासआर्ट ने दुर्गा पूजा को यूनेस्को से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को पास बेचे। शिकायत में संस्था पर यूनेस्को का आधिकारिक साझेदार होने का भ्रामक दावा करने का भी आरोप लगाया गया है। जून में इस मामले में कोलकाता के बोबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। ईडी ने भी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत सेन से पूछताछ की और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि पास की बिक्री से जुटाई गई रकम में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं।