तमिलनाडु के तुतुकुड़ी जेल मे पिता और बेटे की हिरासत में हुई मौत को मुश्किल से कुछ महीने हुए होंगे कि उसी जेल से एक और मारपीट का मामला सामने आया है। सठनकुलम क्षेत्र के टाइक्का गली में रहने वाले मार्टिन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है।
23 अगस्त को मार्टिन को इंस्पेक्टर जेवियर और एसिस्टेंट इंस्पेक्टर राजा ने उसे कथित तौर पर पीटा और पुलिस स्टेशन ले आए। मार्टिन को पुलिस उसी दिन तुतुकुड़ी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले गई क्योंकि मार्टिन को कई यातनाएं दी गई थीं, जिसके बाद उसे काफी चोटें आई थीं।
मार्टिन के मुताबिक उसे 24-28 अगस्त तक गैरकानूनी तरीके से पुलिस हिरासत में रखा गया। इसके बाद उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां मार्टिन ने अपना बयान दर्ज कराया और उसके आधार पर उसकी जमानत को स्वीकार किया गया।
मार्टिन ने बताया कि पिछले छह दिनों से मुझे गैरकानूनी तरीके से पुलिस स्टेशन में उत्पीड़ित किया गया। मार्टिन ने जमानत को लेकर कहा कि जब उसके वकील ने इसके खिलाफ मुकादमा लड़ा और उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, तभी जमानत मिल पाई। मार्टिन ने दो और पुलिस वालों के नाम बताए जिन्होंने मार्टिन के साथ हिरासत के दौरान उत्पीड़न किया था।
मार्टिन के परिवार वालों ने मार्टिन को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने और उसको यातना देने के लिए पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने तमिलनाडु सरकार से मांग की है कि वो पीड़ित और उसके परिवार को इसके लिए राहत दे।
इसी के दौरान तुतुकुड़ी जेल में हिरासत में हुई मौत के मामले को लेकर मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई बेंच ने बताया कि सीबीआई ने सील्ड कवर में इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट दायर कर दी है। अब इस मामले पर सुनवाई सात सितंबर को होगी। जयराज और उसके बेटे जे बेनेकिस के साथ कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मारपीट की गई थी, जिसके बाद उन दोनों की मौत हो गई थी।
इन पिता और बेटे को 19 जून को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, कोविलपत्ती के जेल में रखा था। कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन में इन दोनों ने अपनी मोबाइल की दुकान खोली हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था।