अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन की घोषणा दिल्ली चुनाव से एक दिन पहले यानी सात फरवरी को हो सकती है।केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इस बाबत सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।उसी दिन मस्जिद के लिए जमीन देने की पेशकश भी की जाएगी।बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन माह के भीतर ट्रस्ट गठित करने का समय दिया था।
यह अवधि 9 फरवरी को खत्म हो रही है।सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय इस मुद्दे को लेकर सर्वोच्च अदालत से एक्सटेंशन नहीं मांगेगा।1993 में जो एक्ट बना था, उसी के तहत काम होगा।राम मंदिर के लिए बने मौजूदा किसी भी ट्रस्ट को नए ट्रस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा।हालांकि नए ट्रस्ट में मौजूदा ट्रस्ट के पदाधिकारियों को जगह मिल सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को अयोध्या विवाद पर अपना फैसला सुनाया था।इसमें ट्रस्ट के माध्यम से सम्बंधित स्थल पर राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया था।अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को नई मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में पाँच एकड़ प्लाट दे।साथ ही केंद्र सरकार को ट्रस्ट के गठन के लिए तीन माह का समय दिया था।ट्रस्ट को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक डेस्क बनाया गया है।