तमिलनाडु भाजपा ने कांग्रेस नेता की आलोचना की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस नेता ईवीकेएस एलंगोवन प्रतिबंधित मांस पर जोर दे रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी किस हद तक गांधी जी की विचारधारा से दूर हो गई है। अन्नामलाई ने सोमवार को प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी खाने का अधिकार है। लेकिन एक मेहमान के रूप में दूसरों को विशेष भोजन तैयार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
यह है पूरा मामला
दरअसल, पीएम मोदी ने हाल ही में कहा था कि ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबियां तमिलनाडु भेज दी गई हैं। पीएम मोदी की इसी टिप्पणी के विरोध में तमिलनाडु कांग्रेस भाजपा मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर रही है। इसपर तंज कसते हुए अन्नामलाई ने कहा था कि वे उन्हें भोजन कराएंगे और तमिलों को धोखा देने के लिए एक किताब भी भेंट करेंगे। इस पर एलंगोवन ने कहा था कि प्रतिबंधित मांस सहित मांसाहारी भोजन तैयार करिए।
आप मुझे मजबूर नहीं कर सकते
एलंगोवन के इसी बयान पर अन्नामलाई ने कहा कि हम प्रदर्शनकारियों को दोपहर का भोजन प्रदान करेंगे। अच्छा भोजन कराएंगे। लेकिन कांग्रेस इस तरह किसी भोजन के लिए जोर नहीं दे सकते। मुझे प्रतिबंधित मांस न खाने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है। भोजन चुनना आपका व्यक्तिगत अधिकार है। लेकिन आप मुझे मजबूर नहीं कर सकते। आपको यह कहने का अधिकार नहीं कि मैं आपके लिए प्रतिबंधित मांस पकाऊं।
पांडियन भी पीएम के बयान पर साध चुके हैं निशाना
पीएम के बयान पर ओडिशा सीएम के करीबी वीके पांडियन ने कहा था कि बीजद सरकार मामले में बहुच पारदर्शी है। रथ यात्रा के समय रत्न भंडार को खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि मामला ओडिशा उच्च न्यायालय की जांच के अधीन है। उन्होंने ही एक समिति बनाई है। समिति ने फैसला किया है कि रथ यात्रा के दौरान रत्न भंडार खोला जाएगा। इसके बाद लोगों को सब कुछ पता चल जाएगा। रत्न भंडार और अन्य मंदिर मामलाों का प्रबंधन गजपति महाराज के नेतृत्व वाली समिति करती है। यह कोई राजनीतिक व्यक्ति या अधिकारी नहीं है। रत्न भंडार भगवान जगन्नाथ का खजाना है। इसे 1980 के दशक से नहीं खोला गया है। 40 साल से अधिक समय बीत गया है। खोलने के लिए अवसर होना चाहिए। इसे खोलने के लिए कई अनुष्ठान होंगे।