तमिलनाडु में भाजपा का बड़ा चेहरा रहे अन्नामलाई ने पार्टी के दिग्गज नेताओं को बिना नाराज किए सम्मानजनक विदाई का रास्ता चुन लिया है। नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और अन्य बड़े नेताओं के साथ हुई एक घंटे की लंबी बैठक में उन्होंने द्रविड़ राजनीति के चक्कर में पार्टी की वैचारिक दूरी और सांगठनिक चूकों को अपनी नाराजगी की वजह बताया। हालांकि अमित शाह ने उन्हें अभी थोड़ा इंतजार करने की सलाह दी है, लेकिन अन्नामलाई ने साफ कर दिया है कि उनकी नई सियासी पारी भी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की ही जमीन पर टिकी होगी।
तमिलनाडु में भाजपा का चेहरा अन्नामलाई ने मंगलवार को इस्तीफा तो नहीं दिया, मगर पार्टी नेताओं का दिल दुखाए बिना अपनी रुखसती की जमीन तैयार कर ली। गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बीएल संतोष से अलग-अलग मुलाकात में अन्नामलाई ने नई सियासी राह पकड़ने के कारण गिनाए।
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साथ ही आश्वस्त भी किया कि उनकी नई सियासी धारा की नींव भाजपा की तरह ही हिंदुत्व और राष्ट्रवाद ही होगी। हालांकि गृह मंत्री ने उन्हें इंतजार करने की सलाह देते हुए उनसे दोबारा संपर्क करने की बात कही।
अन्नामलाई की सबसे अहम मुलाकात गृह मंत्री शाह के साथ हुई। करीब एक घंटे की लंबी मुलाकात में अन्नामलाई ने उन्हें एक-एक कर अपनी नाराजगी के कारणों का हवाला दिया। तमिलनाडु की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों की जानकारी दी। विधानसभा चुनाव में संगठनात्मक स्तर पर हुई चूक के बारे में बताते हुए अपनी नई पारी और इसकी जरूरत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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तमिलनाडु में करेंगे इस्तीफे की घोषणा
तमिलनाडु में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि चूंकि वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात बेहद सम्मानजनक वातावरण में हो रही थी। नेतृत्व उनकी समस्याओं पर विचार करने का आश्वासन दे रहा था। ऐसे में अन्नामलाई ने तमिलनाडु में इस्तीफे की घोषणा करने का फैसला किया। अन्नामलाई ने संदेश दिया कि वह अब भी भाजपा की हिंदुत्व विचारधारा के साथ हैं, मगर पार्टी ही द्रविड़ केंद्रित राजनीति के मोहपाश में अपनी विचारधारा से दूर हो गई।