समाजसेवी अन्ना हजारे ने मोदी सरकार के खिलाफ की जाने वाली अपनी भूख हड़ताल को टाल दिया है। यह हड़ताल वह लोकपाल की नियुक्ति ना किए जाने और लोकपाल लागू ना करने की वजह से करने वाले थे। हजारे ने घोषणा की थी कि वह लोकपाल कानून और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल करेंगे। लेकिन मंगलवार को उन्होंने इसे रद्द कर दिया।
दरअसल,
अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन से बात करने के बाद अपनी हड़ताल को रद्द कर दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार ने लोकपाल को लागू करने की तरफ सकारात्मक रवैये के साथ कार्य किया है। इसके लिए उन्होंने सर्च कमेटी का भी गठन किया है। इसके अलावा किसानों के मुद्दे पर अन्ना ने केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि किसानों के लिए एमएसपी बढ़ाई गई है।
हाल ही में
मोदी सरकार ने लोकपाल के गठन की दिशा में अहम कदम उठाते हुए सर्च कमेटी का गठन किया है। इसी वजह से अन्ना ने अपनी भूख हड़ताल को रद्द कर दिया है। बता दें कि सोमवार तक अन्ना कह रहे थे कि सरकार लोकपाल कानून के कारण ही केंद्र में आई है लेकिन उसने अभी तक लोकपाल को लागू नहीं किया। उन्होंने इस मामले पर पीएम नरेंद्र मोदी को खत भी लिखा था।
अन्ना ने पीएम मोदी को लिखे खत में कहा था, ‘लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए 16 अगस्त, 2011 को पूरा देश सड़कों पर उतर गया था। आपकी सरकार इसी आंदोलन की वजह से सत्ता में आई। चार साल बीत गए लेकिन सरकार किसी न किसी वजह से
लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति टालती रही।' शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से वह आत्महत्या कर रहे हैं।