समाजसेवी अन्ना हजारे का अनशन पर फैसला बदलना शिवसेना को रास नहीं आया है। इसको लेकर शिवसेना ने अन्ना की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वहीं, शिवसेना के इस रवैये से आइना दिखाते हुए अन्ना ने कहा कि ठाकरे सरकार के मंत्रियों ने कितना भ्रष्टाचार किया और उसे सरकार का कितना समर्थन मिला। इसकी जानकारी हमारे पास है, जल्द खुलासा करेंगे।
अन्ना ने कहा, समाज और देश के सामने भाजपा, शिवसेना या कांग्रेस कोई मायने नहीं रखती। जब हमें लगा कि यह समाज के लिए घातक है तो हमने आंदोलन किया। यह कोई पहला आंदोलन नहीं था। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है तब से उन्होंने छह बार आंदोलन किया।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे में शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में संपादकीय लिखने की वजह क्या है। अन्ना ने कहा कि ठाकरे सरकार के मंत्री किसके घर गए और क्या किया। उन मंत्रियों के भ्रष्टाचार का जल्द ही खुलासा करूंगा।
बता दें कि अन्ना ने कृषि कानूनों में सुधार व स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की मांग को लेकर 30 जनवरी से रालेगण सिद्धि में अनशन का एलान किया था। शुक्रवार को केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक में किसानों से संबंधित 15 मांग मानने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आश्वासन मिलने के बाद अन्ना हजारे ने अनशन वापस लेने का एलान किया था।