भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने सोमवार को कहा कि बीड के सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड मामले की जांच के लिए बनी विशेष जांच टीम (एसआईटी) को भंग कर देना चाहिए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद दमानिया ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की वाल्मिक कराड से सांठगांठ है, जो हत्या से जुड़े जबरन वसूली मामले में मुख्य आरोपी है। दमानिया ने कहा कि इससे जांच में निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।
भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता दमानिया ने कहा, 'बीड जिले का कोई भी पुलिस अधिकारी देशमुख हत्याकांड की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकता, क्योंकि या तो उनके मन में कराड के लिए नरमी है या फिर उन्हें कराड की कृपा से पद मिला है। एसआईटी को भंग कर देना चाहिए। मैंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जांच के लिए अन्य जिलों के अधिकारियों को लाया जाए।'
कैमरे के सामने जांच की मांग
दमानिया ने आगे कहा कि जांच कैमरे के सामने होनी चाहिए, क्योंकि लोगों को सीआईडी या अन्य पुलिस इकाइयों पर भरोसा नहीं है। इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि परली थर्मल प्लांट से फ्लाई ऐश ले जाने वाले ट्रक बिना नंबर प्लेट के चलते हैं और इस 'घोटाले' की गहन जांच होनी चाहिए।
नौ दिसंबर को अपहरण के बाद देशमुख की हुई हत्या
बता दें कि मसजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का 9 दिसंबर को अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। उन्होंने क्षेत्र में एक पवन चक्की परियोजना का संचालन कर रही कंपनी पर जबरन वसूली के प्रयास को रोकने की कोशिश की थी।
निष्पक्ष जांच के लिए मुंडे को हटा देना चाहिए
विपक्ष महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे को मुख्य आरोपी कराड से जोड़ता है। मुंडे का मंत्रिमंडल से इस्तीफा न मांगने के बारे में जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार से पूछा गया तो दमानिया ने कहा कि पवार ने कुछ साल पहले भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए मुंडे को हटा देना चाहिए चाहिए।
छगन भुजबल की आलोचना की
दमानिया ने मुंडे का समर्थन करने के लिए एनसीपी नेता छगन भुजबल की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह न्याय की कीमत पर एक-दूसरे का समर्थन करने वाले राजनीतिक हस्तियों की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
परेशान करने के लिए मेरी मॉर्फ्ड तस्वीरें प्रसारित कीं
उन्होंने दावा किया कि कराड और मुंडे के कुछ करीबी लोगों ने उन्हें परेशान करने के लिए सोशल मीडिया पर उनके मोबाइल नंबर और मॉर्फ्ड तस्वीरें प्रसारित कीं। उन्होंने कहा कि मैंने इसके बारे में सीएम फडणवीस को जानकारी दे दी है।