पश्चिम बंगाल के चर्चित रजत डे मर्डर केस में उत्तर परगना जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उनकी पत्नी अनिंदिता पाल को दोषी ठहराया। अनिंदिता को पति की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई।
अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार झा ने अनिंदिता को दोषी ठहराते हुए दस हजार रुपये के जुर्माने और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अनिंदिता को मोबाइल के चार्जर के तार से गला दबाकर पति को हत्या के आरोप में दोषी पाया गया है।
अदालत ने अनिंदिता को सबूतों को गायब करने का दोषी भी पाया है, इसके लिए उन्हें एक साल की जेल की सजा सुनाई है। लेकिन इन दोनों मामलों में सजा साथ साथ चलेगी।
सरकारी वकील बिभास चटर्जी ने आरोपी को मौत की सजा की मांग थी। सरकारी वकील का दावा किया कि रजत डे का मर्डर एक सोची समझी साजिश थी, जिसे एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया।
अनिंदिता के पक्ष का दावा है कि हत्या के वाले दिन अनिंदिता दूसरे कमरे में सो रहीं थी। पति के कमरे से आवाज आने के बाद वे उनके कमरे में गईं थी। इसके बाद रजत के पिता ने आरोप लगाया था कि, उनके बेटे और बहू के बीच तनाव पूर्ण संबंध थे जिसके तहत बहूने बेटे की हत्या कर दी।
मौत की सजा के एलान के बाद अनिंदिता ने कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है। वह खून की आखिसी सांस तक लड़ेंगी। वहीं आपको बता दें अनिंदिता और उनके पति रजत हाईकोर्ट में वकील थे।
आपको बता दें अनिंदिता पाल ने अपने पति की मोबाइल के चार्जर के तार से गला घोंट कर अपने पति रजत डे की हत्या कर दी। जिसके बाद रजत के पिता ने एफआईआर कराई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अनिंदिता ने उनके बेटे की हत्या की है। जांच के बाद वह दोषी पाई गई हैं।