दिवाली में जमकर आतिशबाजी हुई, जिस वजह से जानवर परेशान हो गए। रेसकिंक एसोसिएशन ऑफ वाइल्डलाइफ वेलफेयर के संस्थापक और अध्यक्ष पवन शर्मा ने बताया कि पिछले 48 घंटों में हमें 40 से अधिक कॉल आए हैं। पटाखों के कारण कुत्ते और बिल्लियां सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। जानवरों की देख-रेख के लिए संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, वन विभाग और कई गैर सरकारी संगठनों की टीमें काम कर रही हैं। शर्मा ने आगे बताया कि हमने अब तक छह पक्षी, दो सांप और एक कछुए को बचाया है।
बंगलूरू में 28 लोग घायल
बंगलूरू में आतिशबाजी के कारण 28 से अधिक लोग घायल हो गए। आंकड़ों के अनुसार, नारायण नेत्र अस्पताल में 22 घायल आए तो वहीं, मिंटो अस्पताल में चार मामले सामने आए। डॉ. रोहित शेट्टी ने बताया कि घायलों में चार बच्चे हैं। 90 प्रतिशत घायल तो आतिशबाजी देखकर सिर्फ घर जा रहे थे।
चेन्नई में 581 मामले दर्ज
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में दिवाली के दिन 581 मामले दर्ज किए गए, जिसमें से 554 मामले समय के बाद भी पटाखा फोड़ने के थे। वहीं, आठ मामले राज्य सरकार के नियमों का उल्लंघन कर पटाखे की दुकान चलाने के लिए बनाए गए। वहीं, 19 मामले अत्यधिक शोर वाले पटाखे फोड़ने के लिए बनाए गए।