महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल और धीरज वधावन को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने बताया कि सतारा पुलिस केंद्रीय जांच एजेंसी को हर तरह का सहयोग प्रदान कर रही है।
मंत्री ने ट्वीट कर लिखा, 'सीबीआई की एक टीम ने डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल और धीरज वधावन को हिरासत में लिया है। सतारा पुलिस ने उन्हें सभी आवश्यक सहायता और एक अनुरक्षण वाहन प्रदान किया है जिसमें एक लिखित अनुरोध पर मुंबई तक चार गार्ड दिए हैं। गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। कानून सभी के लिए बराबर है।'
डीएचएफएल ने यस बैंक से 3,700 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। प्रवर्तन निदेशालय दो व्यावसायिक समूहों और उनके प्रमोटरों के बीच कथित क्विड प्रो की जांच कर रही है। इस मामले में वधावन भाईयों को 21 फरवरी को जमानत मिली थी। उन्हें इस महीने की शुरुआत में लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करके मुंबई से कार के जरिए महाबलेश्वर जाने की वजह से पकड़ा गया था।
इससे पहले देशमुख ने सतारा में उनकी क्वारंटीन (एकांतवास) अवधि खत्म होने के बाद बुधवार को सीबीआई से दोनों को हिरासत में लेने का अनुरोध किया था। मंत्री ने यह भी बताया कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट की गई है। जिन्होंने कथित रूप से वधावन को लॉकडाउन के दौरान यात्रा करने की अनुमति दी थी। जिसे आज या कल में प्रस्तुत किया जाएगा।
बता दें कि प्रमुख सचिव अमिताभ गुप्ता ने लॉकडाउन के दौरान यात्रा करने के लिए दोनों को चिकित्सा आपातकालीन वाला अनुमति पत्र दिया था। मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सौनिक से आईपीएस अधिकारी की भूमिका की जांच करने और गुप्ता को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया था।