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धनशोधन: अनिल देशमुख की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, दंडात्मक कार्रवाई न करने की मांग

Sun, 04 Jul 2021 09:07 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देशमुख को कथित तौर पर 100 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने और जबरन वसूली करने वाले गिरोह से जुड़े धनशोधन के एक मामले के संबंध में ईडी ने समन जारी किया है। देशमुख ने इन आरोपों के कारण महाराष्ट्र के गृह मंत्री के पद से इस साल अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था।
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अनिल देशमुख - फोटो : facebook.com/AnilDeshmukhNCP
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विस्तार
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महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। उनके वकील इंदरपाल बी सिंह ने बताया कि इस याचिका में अदालत से अपील की गई है कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक कथित मामले में अनिल देशमुख और उनके बेटे को पूछताछ के लिए पांच जुलाई को पेश होने के लिए कहा है।  

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ईडी के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अनिल देशमुख को मामले के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए यह तीसरा नोटिस जारी किया गया है। देशमुख से दक्षिण मुंबई में एजेंसी के कार्यालय में अपना बयान सोमवार को दर्ज कराने के लिए कहा गया है। उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख को भी समन जारी कर छह जुलाई को बुलाया गया है।

एजेंसी ने एक अदालती दस्तावेज में आरोप लगाया था कि ऋषिकेश हवाला लेनदेन की देखरेख करता था। उल्लेखनीय है कि एजेंसी की ओर से अनिल देशमुख (72) को इससे पहले भी दो बार समन जारी किए जा चुके हैं, लेकिन वह कोरोना वारयस संक्रमण के खतरे का हवाला देकर पेश नहीं हुए थे। उन्होंने ईडी के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना बयान दर्ज कराने का आग्रह किया था।
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बता दें कि ईडी ने पिछले महीने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और नागपुर में देशमुख, उनके सहयोगियों और अन्य लोगों के परिसरों पर छापे मारे थे, जिसके बाद निदेशालय ने पहला समन जारी किया था। बाद में एजेंसी ने उनके दो सहयोगियों, उनके निजी सचिव संजीव पलांडे (51) और निजी सहायक कुंदन शिंदे (45) को, गिरफ्तार कर लिया था। वे छह जुलाई तक ईडी की हिरासत में हैं।

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मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त ने लगाया है रिश्वत लेने का आरोप

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने देशमुख पर कम से कम 100 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जिसके आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इसी के बाद ईडी ने देशमुख और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि देशमुख ने मुंबई पुलिस के निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे को मुंबई के बार और रेस्तरां से एक महीने में 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूलने को कहा था। देशमुख ने उनके वकीलों के जरिए एजेंसी को भेजे पत्र में कहा था कि एजेंसी ने 25 जून को यहां उनके परिसरों पर छापेमारी के समय ईडी जांचकर्ताओं के साथ कई घंटे की बातचीत के दौरान उनका बयान पहले ही दर्ज कर लिया है।
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