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अनिल देशमुख मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई से निष्पक्षता की उम्मीद जताई, कहा- अदालत की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना करें जांच

Fri, 14 Jan 2022 05:49 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एजेंसी की प्रारंभिक जांच (पीई) ने कथित पर देशमुख को क्लीन चिट दे दी है। निचली अदालत के आदेश में उनके खिलाफ की गई चौंकाने वाली टिप्पणियों के खिलाफ देशमुख की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सीबीआई स्वतंत्र तरीके से जांच और कार्रवाई करेगी।
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दिल्ली हाईकोर्ट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि सीबीआई एक विशेष और प्रशिक्षित एजेंसी है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ निचली अदालत के आदेश में कथित तौर पर पूर्वाग्रह से ग्रसित टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होगी।

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एजेंसी की प्रारंभिक जांच (पीई) ने कथित पर देशमुख को क्लीन चिट दे दी है। निचली अदालत के आदेश में उनके खिलाफ की गई चौंकाने वाली टिप्पणियों के खिलाफ देशमुख की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सीबीआई स्वतंत्र तरीके से जांच और कार्रवाई करेगी।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने तर्क दिया कि निचली अदालत के आदेश से ऐसा लगता है कि जांच एजेंसी को याचिकाकर्ता को मामले में फंसाने का अधिकार है। निचली अदालत ने याचिकाकर्ता की भूमिका का पूर्व-निर्धारण कर लिया और जब वह सीबीआई निर्देश दे सकती थी उस वक्त ओवरबोर्ड हो गई। 
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अदालत ने कहा कि सीबीआई एक प्रशिक्षित एजेंसी है जो निचली अदालत की टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होगी। निचली अदालत के न्यायाधीश ने केवल कारण बताया कि उसने आगे की जांच के आदेश क्यों दिया। न्यायमूर्ति प्रसाद ने कहा कि यह साफ है कि सीबीआई स्वतंत्र रूप से कार्य करेगी।

सीबीआई की ओर से पेश अधिवक्ता निखिल गोयल ने कहा कि एजेंसी स्वतंत्र तरीके से मामले की जांच कर रही है। दिसंबर में विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने सीबीआई को पीई मामले में देशमुख की भूमिका की जांच करने का निर्देश दिया था। मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश  को पलटने के लिए पूर्व मंत्री के खिलाफ प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए थे। ऐसा लगता है कि आरोपी डागा और तुमाने, अनिल देशमुख से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे। हो सकता है कि वे उसके साथ मिलकर काम कर रहे हों और यह बड़ी साजिश हो सकती है। 

ऐसा लगता है कि सीबीआई ने गाड़ी खींचने वाले इंजन को छोड़ दिया है, जिससे केवल यात्रा करने वालों पर ही आरोप लगाया जा रहा है। क्योंकि इंजन या घोड़े को खींचे बगैर गाड़ी की सवारी या साजिश संभव नहीं होगी।

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