भाजपा जॉइन करते हुए अनिल एंटनी। साथ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल।
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केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मनमोहन सिंह सरकार में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी ने आज भाजपा का दामन थाम लिया। कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। एंटनी के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को केरल में अपना जनाधार बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसी साल की शुरुआत में बीबीसी की एक डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर एंटनी ने गहरा आक्रोश जताया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा भी दे दिया था। इसके बाद से ही उनके भाजपा से जुड़ने की अटकलों लगाई जा रही थीं। अनिल एंटनी केरल कांग्रेस की मीडिया का काम संभाल रहे थे।
अनिल एंटनी ने भाजपा से जुड़ने के अवसर पर कहा कि आजकल कांग्रेस के कई नेता यह मानते हैं कि उनका धर्म एक 'परिवार' की सेवा करना है, लेकिन उन्हें लगता है कि उनका धर्म राष्ट्र की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संपूर्ण देश का विकास करना चाहते हैं और वे उनके कार्यो को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढाने में अपना सहयोग देना चाहते हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनकी पार्टी देश के हर समाज और हर वर्ग का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी के शीर्ष नेताओं के द्वारा लगातार यही बात सिखाई जाती है। उन्होंने कहा कि जब बीबीसी को डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री के विषय में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, तब अनिल एंटनी ने उसका कड़ा विरोध किया और इसे एक विदेशी संस्था द्वारा भारत पर अनावश्यक टिप्पणी करार दिया। यह उनकी राष्टवादी सोच को प्रतिबिंबित करता है जिसकी बात हमेशा भाजपा करती है।
मोदी ने की थी केरल में विस्तार की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के कार्यकाल में भाजपा ने अपना अभूतपूर्व विस्तार करने में सफलता पाई है। लेकिन केरल का किला अब भी वामपंथी गढ़ माना जाता है। भाजपा अपनी बड़ी कोशिशों के बाद भी यहां अपना विस्तार कर पाने में असफल रही थी। हालांकि, कुछ ही समय पहले प्रधानमंत्री मोदी ने केरल में पार्टी का जनाधार बढ़ाने को लेकर संकेत दिए थे। दिग्गज एंटनी परिवार के भाजपा में शामिल होने से पार्टी की इस दक्षिणी राज्य में संभावनाएं मजबूत हो गई हैं।