कोर्ट ने 3 हफ्ते में केंद्र से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के आधार पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य स्तरीय सलाहकार बोर्ड के गठन पर रिपोर्ट पेश करने का आदेश जारी करने का आदेश दिया।
बता दें कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर न्यायाधीश दीपक गुप्ता और मदन लोकुर की पीठ सुनवाई कर रही थी। दोनों जजों की बेंच का गुस्सा इस मामले में उस वक्त फूटा जब केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए काउंसल ने 845 पेज के हलफनामा पेश करने की बात कही। इसके बाद जैसे ही न्यायाधीशों ने सवाल पूछना शुरू किया काउंसल उसका जवाब नहीं दे सके।
इसके बाद कोर्ट ने 845 पेज के हलफनामे पर काउंसल को आड़े हाथों लिया और कहा- आपने हलफनामे को खुद भी नहीं पढ़ा है और लाकर हमारे सामने पटक दिया। अगर हलफनामे में तथ्य नहीं हैं तो उन्हें फाइल करने का कोई औचित्य ही नहीं है। आपने इसे नहीं देखा और आप चाहते हैं कि हम इसे देखें। हम इसे अफने रिकॉर्ड में नहीं लेने जा रहे हैं।' कोर्ट देश भर में चिकनगुनिया और डेंगू से होने वाली मौत को लेकर चिंता जताई थी।