शिक्षा के मामले में देश के कई राज्य काफी पिछड़े हुए हैं। इसका सीधा कारण है शिक्षकों की कमी या जो शिक्षक हैं, उन्हें ठीक ढंग से पढ़ाने नहीं आता या फिर वह पढ़ाना नहीं चाहते। शिक्षकों का ये गैरजिम्मेदाराना रवैया किसी से छिपा नहीं है। ऐसा नहीं है कि सभी शिक्षक ऐसे ही हैं। कुछ ऐसे भी शिक्षक हैं जो बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं और पढ़ाते भी हैं और यही कारण है कि वैसे शिक्षकों की कमी निश्चित तौर पर बच्चों को खलती है।
कुछ ऐसा ही हुआ है तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले के वेल्लिग्राम स्थित सरकारी हाईस्कूल में, जहां एक शिक्षक के तबादले से बच्चे काफी दुखी हो गए हैं। दरअसल हाल ही में एक 28 वर्षीय अंग्रेजी शिक्षक जी भगवान का तबादला दूसरे इलाके के सरकारी स्कूल में कर दिया गया है। स्कूल में जब ये खबर फैली तो बच्चे इतने दुखी हो गए कि उन्होंने जी भगवान को स्कूल में ही रोक लिया और उनसे लिपटकर रोने लगे। बच्चे इस कदर परेशान हुए कि वो जी भगवान का तबादला रोकने के लिए स्कूल में ही धरने पर बैठ गए। इस प्रदर्शन में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों ने भी उनका भरपूर साथ दिया। आखिरकार बच्चों के इस प्रदर्शन से सरकार का दिल पसीज गया और उसने भगवान का तबादला 10 दिनों के लिए रोक दिया।
छात्रों का कहना है कि जी भगवान शिक्षा के महत्व को बहुत अच्छी तरह समझते हैं और वह उन्हें काफी सपोर्ट भी करते हैं। उनका कहना है कि पहले कई छात्र अंग्रेजी में काफी कमजोर थे, लेकिन जी भगवान ने ऐसे बच्चों का काफी सपोर्ट किया और उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया, जिसकी वजह से आज उनकी अंग्रेजी में काफी हद तक सुधार आया है। सुबह-शाम हर वक्त वो बच्चों के लिए उपलब्ध रहते हैं। यही कारण है कि बच्चे आज उनके तबादले की खबर से काफी दुखी हो गए और उनसे लिपटकर रोने लगे।