जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने शनिवार को दिल्ली में एक व्यापास बैठक को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने भारत में पर्यावरण अनुकूल शहरी गतिशीलता पर अगले पांच सालों में एक बिलियन यूरो का निवेश करने का वादा किया। मर्केल ऐसे समय पर भारत दौरे पर आईं जब दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत खतरनाक है। उन्होंने डीजल से चलने वाले सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने की आवश्यकता पर बल दिया।
मर्केल ने कहा, 'हम जलवायु संरक्षण और हरित शहरी गतिशीलता पर सहयोग करने पर सहमत हुए हैं और इस दिशा में एक बिलियन यूरो खर्च करेंगे।' इसके अलावा जर्मनी तमिलनाडु के बस परिवहन क्षेत्र में सुधार के लिए 200 मिलियन यूरो का भी निवेश करेगा।
उन्होंने आगे कहा, 'हम तमिलनाडु में बस परिवहन क्षेत्र में सुधार करने के लिए 200 मिलियन यूरो खर्च करेंगे। जिस किसी ने भी कल दिल्ली में प्रदूषण को देखा था उन्हें डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदलने के लिए अच्छा तर्क मिल गया होगा।'
दिल्ली के बढ़ते वायु प्रदूषण पर जर्मनी की चांसलर ने कहा यहां की बदतर परिस्थिति को देखते हुए डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदलना अच्छा विचार होगा। शुक्रवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सबसे खराब थी। जिसके कारण अधिकारियों को पांच नवंबर तक स्कूल बंद करने पड़े और सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लग गई है। दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी (जन स्वास्थ्य आपातकाल) घोषित की गई है।
उन्होंने कहा कि जर्मनी भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम करेगा जिसमें स्वास्थ्य, कृषि और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल हैं। मर्केल ने दिल्ली के द्वारका सेक्टर-21 में इलेक्ट्रिक रिक्शा के संचालकों से भी मुलाकात की।