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ड्राइवर हत्या मामला: गवाहों को घूस देने वाले एमएलसी अनंत बाबू गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत

Sat, 25 Apr 2026 09:14 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, राजामहेंद्रवरम

सार

एमएलसी अनंता सत्य उदय भास्कर को 2022 के ड्राइवर हत्या मामले में गवाहों को रिश्वत देने और धमकाने के आरोप में 14 दिन की जेल हुई है। पुलिस अब इस मामले की जांच के लिए उनकी कस्टडी मांगने की तैयारी में है।
 
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हथकड़ी। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। सत्तारूढ़ दल वाईएसआरसीपी के विधान परिषद सदस्य अनंता सत्य उदय भास्कर उर्फ अनंत बाबू की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। स्थानीय अदालत ने शनिवार को उन्हें पूर्व ड्राइवर की हत्या से जुड़े मामले में गवाहों को प्रभावित करने के आरोप में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने शुक्रवार को जिला अदालत के बाहर से एमएलसी को गिरफ्तार किया था। यह पूरा मामला वर्ष 2022 में हुए उनके ड्राइवर वी सुब्रमण्यम की संदिग्ध हत्या से जुड़ा है। सुब्रमण्य म दलित समुदाय से ताल्लुक रखते थे, जिसके कारण इस मामले ने पहले भी काफी तूल पकड़ा था।
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क्या है पूरा मामला?
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 2022 की है जब एमएलसी और उनके ड्राइवर सुब्रमण्यम के बीच मात्र 20,000 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस का आरोप है कि इस झगड़े के दौरान अनंत बाबू ने अपने ड्राइवर के साथ मारपीट की और उसे धक्का दे दिया। धक्का लगने से सुब्रमण्यम एक लोहे की ग्रिल पर गिर गए, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई। उस समय सुब्रमण्यम नशे की हालत में बताए गए थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चोट लगने के बाद एमएलसी ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन समय पर इलाज न मिलने के कारण सुब्रमण्यम ने दम तोड़ दिया। बाद में दावा किया कि ड्राइवर की मौत नशे में गाड़ी चलाने की वजह से हुई दुर्घटना में हुई है।
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गवाहों को खरीदने और डराने का आरोप
ताजा गिरफ्तारी का मुख्य आधार गवाहों को डराना और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करना है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने अदालत को बताया कि ट्रायल शुरू होने से पहले एमएलसी ने मामले के चार मुख्य गवाहों को एक-एक लाख रुपये की रिश्वत दी थी। आरोप है कि उन्होंने गवाहों को जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस प्रशासन अब इस मामले में गहराई से जांच करना चाहता है। अधिकारियों ने बताया कि वे सोमवार को काकीनाडा की स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर करेंगे, जिसमें एमएलसी की पुलिस कस्टडी की मांग की जाएगी। 

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