वल्लभनेनी वामसी गन्नावरम के पूर्व विधायक और वाईएसआरसीपी नेता को आंध्र प्रदेश पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। वमासी की ये गिरफ्तारी पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी शासन के दौरान टीडीपी के गन्नावरम कार्यालय पर हुए हमले से जुड़ी मामलों के तहत हुई है।
गन्नावरम कार्यालय पर हुए हमले से जुड़े मामले में आंध्र प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई के तहत गुरवार को वाईएसआरसीपी नेता वल्लभनेनी वामसी को हैदराबाद में गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी शासन के दौरान टीडीपी के गन्नावरम कार्यालय पर हुए हमले से जुड़ी हुई है।
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बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
गन्नावरम के पूर्व विधायक वामसी को गिरफ्तारी का नोटिस अतिरिक्त डीसीपी रैंक के अधिकारी ने भेजा था। वामसी को हैदराबाद के हाई-टेक सिटी के रायदुर्गम इलाके में एक आलीशान अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ बीएनएस और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि वामसी को विजयवाड़ा स्थानांतरित किया जा रहा है।
वाईएसआरसीपी ने नायडू सरकार पर लगाए आरोप
इस बीच, पूर्व विधायक के गिरफ्तारी को लेकर वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि वामसी की गिरफ्तारी अवैध है, क्योंकि उन्हें अग्रिम जमानत मिली हुई थी। वाईएसआरसीपी ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि वामसी गन्नावरम टीडीपी कार्यालय पर हमले के मामले में अग्रिम जमानत पर हैं। हाल ही में सत्यवर्धन ने अपनी याचिका भी वापस ले ली है।
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प्रतिशोधी राजनीति कब तक- वईएसआरसीपी
इतना ही नहीं वईएसआरसीपी ने मामले में आगे कहा कि शिकायत वापस लेने के बावजूद टीडीपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के नेता वामसी को झूठे मामलों में फंसा रहे हैं। साथ ही विपक्षी पार्टी ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू से सवाल किया कि इस तरह की प्रतिशोध की राजनीति कब तक चलेगी।