आंध्र प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा मुहैया कराने से गरीब और हाशिये पर छात्रों की मदद होगी और इससे कॅरिअर वृद्धि के लिए बेहतर संभावनाएं खुलेंगी।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ से प्रदेश सरकार ने कहा कि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सरकार संचालित तेलुगु माध्यम के स्कूलों के ऐसे योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगाने के आदेश से समाज के कमजोर तबके के छात्रों की इससे बाहर निकलने की संभावनाओं को सीमित करेगी।
प्रदेश सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील केवी विश्वनाथन ने कहा कि बच्चे के सबसे प्रारंभिक सालों में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने की आवश्यकता है ताकि कोई बहिष्कृत समूह न बने।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा है कि वह मंडल हेडक्वार्टर स्तर पर तेलुगु स्कूलों की स्थापना करेगा और परिवहन सुविधा भी मुहैया कराएगा जो छात्र अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करना चाहते हैं। मामले की सुनवाई अगले हफ्ते होगी। इस साल अप्रैल में हाईकोर्ट ने सरकार के स्कूलों को तेलुगु से अंग्रेजी माध्यम में बदलने के आदेश को रद्द कर दिया था।