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Andhra Pradesh: पवन कल्याण बोले- बहुभाषावाद जरूरी, अंग्रेजी बनती जा रही सोच की भाषा; नेताओं से की ये खास अपील

Tue, 22 Jul 2025 06:15 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती

सार

आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बहुभाषावाद पर जोर देते हुए कहा कि अधिकांश लोग कई भाषाएं सीखना चाहते हैं और उन्हें इसके लिए उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से नई सोच अपनाने की अपील की। पवन कल्याण ने स्वीकार किया कि उनकी सोच की भाषा अंग्रेजी बनती जा रही है, जबकि उनकी मातृभाषा तेलुगू है।

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आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण - फोटो : ANI
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विस्तार
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भाषा को लेकर देशभर में जारी चर्चाओं के बीच आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और अभिनेता-राजनेता पवन कल्याण ने मंगलवार को बहुभाषी होने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग चाहते हैं कि वे बहुभाषी हों और उन्हें इसके लिए उचित मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे अपने विचारों को व्यापक बनाएं और नई सोच अपनाएं। पवन कल्याण ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि बहुमत का मानना है कि वे बहुभाषी बनना चाहते हैं। हमें उन्हें एक उचित अवसर देना चाहिए।

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अंग्रजी हमारी सोंच की भाषा बनती जा रही- कल्याण 
आंध्र के उपमुख्यमंत्री ने आगे अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अंग्रेजी उनकी सोच की भाषा बन गई है, जबकि वह हिंदी, कन्नड़ या मराठी में ऐसा महसूस नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि मेरा मातृभाषा अंग्रजी नहीं है। कभी-कभी मुझे यह सोचकर दुख होता है कि मेरी सोच की भाषा अंग्रेजी या तेलुगू हो गई है। कल्याण ने कहा कि तेलुगू तो स्वाभाविक है, लेकिन मैंने अंग्रेजी को भी अपनी सोच की भाषा के रूप में अपना लिया है।

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पवन कल्याण ने किया बहुभाषावाद का समर्थन
इसके साथ ही इंटरव्यू के दौरान पवन कल्याण ने बहुभाषावाद (मल्टीलिंग्वलिज्म) का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में, जब हम विभिन्न संस्कृतियों के साथ जुड़ रहे हैं, तो बहुभाषा कौशल होना जरूरी है और इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से कहा कि उन्हें आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचते हुए उनके लिए जगह बनानी चाहिए और बहुभाषावाद को प्रोत्साहित करना चाहिए।

बता दें कि उनका यह बयान उस समय आया है जब देश में भाषा को लेकर बहस छिड़ी हुई है। पवन कल्याण ने इस बहस में नई सोच और खुले दिमाग की जरूरत पर जोर दिया है और कहा कि भाषा को लेकर लोगों की इच्छाओं को समझते हुए उन्हें मौका दिया जाना चाहिए ताकि वे कई भाषाओं को सीखकर बेहतर संवाद कर सकें। इसके साथ ही इस तरह पवन कल्याण ने बहुभाषावाद को बढ़ावा देने की बात कही है और राजनीतिक नेतृत्व से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम उठाएं ताकि आने वाली पीढ़ी बहुभाषी बनकर समाज में बेहतर योगदान दे सके।

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धर्म परिवर्तन समेत कई अन्य मुद्दों पर भी की बात
इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। धार्मिक परिवर्तन के मामले पर उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद कुछ ऐसे मामले उनके सामने आए जिन्हें पुलिस ने सुलझाया। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक लड़की को केरल से बेंगलुरु ले जाया गया और आखिरकार पुलिस उसे जम्मू में ढूंढ पाई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले होते रहते हैं और देश को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में।

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साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में कदम रखने के सवाल पर पवन कल्याण ने कहा कि वे एनडीए के सहयोगी हैं और जहां भी एनडीए के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे, उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि जनसेना पार्टी राष्ट्रीय पार्टियों से मुकाबला करना अभी मुश्किल समझती है और पार्टी को मजबूत होने में कई दशक लग सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बोले डिप्टी सीएम
पर्यावरण संरक्षण को लेकर उप मुख्यमंत्री ने इसे एक बड़ी चुनौती बताया और कहा कि यह उनका व्यक्तिगत संकल्प है। उन्होंने कहा कि धन की कमी है, लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी है प्रशासनिक कर्मियों की प्रतिबद्धता और जनता की भागीदारी। उन्होंने नदियों और नालों की सफाई पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय नदियां कूड़ा-करकट का गड्ढा बन गई हैं। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के बयान पर पवन कल्याण ने कहा कि उनके कार्यकाल में इंटेलिजेंस चीफ जेल गए थे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की कुछ ज्यादतियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जो कार्रवाई हो रही है वह बदला नहीं बल्कि कानून के अनुसार है। उन्होंने अपने अधिकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि वे कोई गलत काम नहीं कर रहे हैं। 
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