आंध्र प्रदेश के प्रकाशम में 23 दिसंबर को कोरोना टीका लेने के बाद एक महिला दंत चिकित्सक गंभीर रूप से बीमार पड़ गई और आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस मामले पर शहर के जिला चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (डीएमएचओ) पी रत्नावली ने कहा है कि महिला दंत चिकित्सक डॉक्टर धनलक्ष्मी को कोरोना टीका लगाने के बाद मूत्र मार्ग और यकृत में गंभीर संक्रमण होने का पता लगा था। कुछ देर बाद महिला डॉक्टर ने बुखार की शिकायत की और कुछ दवाएं लीं।
उन्होंने कहा कि लेकिन इसके बावजूद उनका रक्तचाप काफी गिरने लग गया था और वह मंगलवार यानि 26 जनवरी को और तेज बुखार से पीड़ित हो गईं। स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें चेन्नई के अपोलो अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। जहां उनकी हालत थोड़ी गंभीर बनी हुई है।
रत्नावली ने कहा कि चेन्नई में स्थानांतरित होने से पहले, दंत चिकित्सक का इलाज एक स्थानीय निजी अस्पताल में किया गया था। जहां उन्हें किडनी और लिवर में भी संक्रमण का पता चला था। ऐसे में इसके लिए टीके को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। इस मामले पर अस्पताल ने कहा कि जांच के बाद और बातें साफ हो पाएंगी। साथ ही पता चल सकेगा कि दंत चिकित्सक के बीमार पड़ने के मुख्य कारण क्या थे।