आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा शहर के एक नर्सिंग कॉलेज में राज्य और पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ गया है कि खुद सीएम चंद्रबाबू नायडू को हस्तक्षेप करना पड़ा है। सीएम ने झगड़े को सुलझाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। दरअसल आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित एस.के. कॉलेज ऑफ नर्सिंग में शनिवार को राज्य और पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों के बीच हुई झड़प में एक छात्रा घायल हो गई।
सीएम ने की घटना की समीक्षा
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना की समीक्षा की और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को मामले का समाधान करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, काकीनाडा के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की, आवास आदि की जरूरी व्यवस्था की और स्थिति को और बिगड़ने से रोका। सीएमओ ने बताया कि मामले का सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान कर लिया गया है और पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों ने प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है।
क्या है पूरा मामला
कॉलेज छात्रावास में उस समय तनाव पैदा हो गया था, जब पूर्वोत्तर के छात्रों ने सरपवरम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि एक छात्र का मोबाइल फोन चोरी हो गया है। आंध्र प्रदेश के छात्रों को पुलिस शिकायत की जानकारी मिलने के बाद दोनों समूहों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान एक छात्रा के सिर में चोट लगी। उसका काकीनाडा के सरकारी अस्पताल में इलाज किया गया।
बताया जा रहा है कि मणिपुर के कुछ छात्रों ने कॉलेज परिसर के माहौल और अपनी सुरक्षा को लेकर मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद से शिकायत की थी। मणिपुर सरकार ने इस मुद्दे को आंध्र प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर काकीनाडा के जिला कलेक्टर एम.एन. हरेंद्र प्रसाद और एसपी जी. बिंदु माधव ने शनिवार को परिसर में शांति बनाए रखने के लिए अधिकारियों की एक टीम तैनात की।
जिला कलेक्टर ने बताया- स्थिति सामान्य हो गई है
जिला कलेक्टर ने बताया कि मणिपुर के एक छात्र का मोबाइल फोन चोरी होने की घटना को लेकर तेलुगु छात्रों और मणिपुर और नगालैंड के छात्रों के समूहों के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों से बातचीत के बाद परिसर में सामान्य स्थिति बहाल हो गई। जिला प्रशासन ने मणिपुर और नागालैंड के 31 छात्रों के लिए अलग आवास की व्यवस्था की, ताकि परिसर में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारी रविवार को भी छात्रों के साथ बैठक करने वाले हैं।