आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, कांस्टेबल से आईपीएस अधिकारी बनने तक की उदय कृष्णा रेड्डी की यात्रा दिखाती है कि साहस और कड़ी मेहनत से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य उनका है जो कभी हार नहीं मानते।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को पूर्व पुलिस कांस्टेबल एम. उदय कृष्णा रेड्डी को उनकी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 350वीं रैंक हासिल करने पर बधाई दी। रेड्डी अब आईपीएस अधिकारी बनने की राह पर हैं। नायडू ने कहा कि रेड्डी की कहानी साबित करती है कि दृढ़ संकल्प से हर बाधा पार की जा सकती है।
नायडू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, कांस्टेबल से आईपीएस अधिकारी बनने तक की उदय कृष्णा रेड्डी की यात्रा दिखाती है कि साहस और कड़ी मेहनत से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य उनका है जो कभी हार नहीं मानते। 19 साल की उम्र में 2013 में कांस्टेबल बने रेड्डी अनाथ थे और उनका पालन-पोषण उनकी दादी रमनम्मा और चाचा कोटि रेड्डी ने किया। रेड्डी ने बताया, मैं हमेशा से यूपीएससी की तैयारी करना चाहता था, लेकिन माता-पिता के न होने के कारण पहले नौकरी करनी पड़ी। हालांकि, नौकरी के चलते पढ़ाई के लिए समय नहीं मिल पाता था।
तैयारी के लिए 2019 में नौकरी छोड़ दी
तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए रेड्डी ने 2019 में नौकरी छोड़ दी। पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन सिर्फ 9 अंकों से चूक गए। कोविड-19 महामारी की चलते उनकी तैयारी प्रभावित हुई, लेकिन 2023 में उन्होंने 780वीं रैंक हासिल कर इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस में नौकरी पाई। इस साल उन्होंने फिर परीक्षा दी और 350वीं रैंक हासिल की। रेड्डी ने बताया कि कांस्टेबल रहते हुए एक सर्किल इंस्पेक्टर ने उन्हें प्रताड़ित किया, लेकिन इससे उनका हौसला और मजबूत हुआ।