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आंध्र प्रदेश की तीन राजधानी बनाने का प्रस्ताव, विधानसभा के बाहर जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन

Mon, 20 Jan 2020 08:36 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
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जगनमोहन रेड्डी और चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो)
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आंध्र प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन राज्य की तीन राजधानी बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया। मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी चाहते हैं कि विशाखापत्तनम में कार्यकारी राजधानी हो, अमरावती में विधायी राजधानी हो और कुर्नूल में न्यायिक राजधानी बने। हालांकि इस फैसले का व्यापक विरोध भी हो रहा है। 

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राज्य सरकार के इस प्रस्ताव पर तेलुगू देशम पार्टी के चीफ और पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू ने विरोध जाहिर किया है। उन्होंने सरकार के खिलाफ 'चलो विधानसभा' का एलान किया है। चंद्रबाबू ने सीएम रेड्डी से अपील की है कि राज्य की राजधानी को अमरावती से न हटाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इससे करीब 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश वापस हो जाएगा और किसानों को भी कष्ट उठाना पड़ेगा।

राज्य सरकार ने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमरावती में कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया है। मौजूदा हालात को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है। सीएम को उनके घर से विधानसभा ले जाने के लिए पुलिस विशेष रूट का इस्तेमाल किया। 
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नायडू ने कहा कि तीन राजधानी बनाने का कोई तर्क नहीं है। उन्होंने सरकार की प्रस्तावित योजना को तेलुगू देशम पार्टी के खिलाफ अभियान करार दिया। नायडू ने कहा, जब निर्माण इतना आगे चरण में पहुंच चुका है तो राजधानी बदलने का क्या मतलब है?

करीब 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का संकल्प जताया गया है जिससे राज्य में करीब 50 हजार नौकरियों के सृजन की संभावना है। अस्पताल से शिक्षा केंद्र तक करीब 130 संस्थान बनने हैं। अगर राजधानी बदलती है तो ये सब नहीं होंगे।

फैसले का विरोध

वहीं, राज्य की राजधानी स्थानांतरित करने संबंधी विधेयक पेश किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अमरावती क्षेत्र के सैकड़ों किसान व महिलाएं, सशस्त्र कर्मियों की ओर से की गई सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ते और निषेधाज्ञा की अवज्ञा करते हुए सोमवार को आंध्र प्रदेश विधानसभा परिसर के करीब तक पहुंच गए।

पुलिस ने निहत्थी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया क्योंकि विधानसभा का महत्त्वपूर्ण सत्र कुछ ही फासले पर जारी था। परिसर के पिछले हिस्से में नाटकीय घटनाक्रम जारी रहने के बावजूद विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार से कुछ मीटर की दूरी पर अपनी तेलुगु देशम पार्टी के विधायकों के साथ पैदल यात्रा की अगुवाई की।

हालांकि पुलिस बल की भारी तैनाती के चलते तेदेपा विधानसभा का घेराव करने के अपने कार्यक्रम को योजना के मुताबिक अंजाम नहीं दे पाई। पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी किसानों व अन्य की तरफ से पत्थर फेंके जाने की घटना में उसके छह कर्मी घायल हो गए। साथ ही कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
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