आंध्र प्रदेश विधानसभा ने कोविड-19 महामारी के बीच स्थानीय चुनाव कराने के कदम को लेकर राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) पर प्रहार किया और इस आशय का प्रस्ताव पारित किया कि राज्य की वर्तमान स्थिति फरवरी, 2021 में चुनाव कराने लायक नहीं है।
उप मुख्यमंत्री (स्वास्थ्य) ए के के श्रीनिवास ने पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र के आखिर में यह प्रस्ताव पेश किया और विधायी कार्य मंत्री बी राजेंद्रनाथ ने इसका समर्थन किया। इसमें कहा गया है कि इसलिए राज्य मशीनरी ने अवगत करा दिया है कि इस समय चुनाव का कोई कार्यक्रम बनाना अविवेकपूर्ण होगा ।
उसके बाद सदन ने विपक्षी तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) की गैर हाजिरी में सर्वसम्मति से इसे पारित किया। तेदेपा के सदस्य अपने दस विधायकों के निलंबन के बाद सदन से चले गये थे।
प्रस्ताव में कहा गया है, ‘जिस बेपरवाही से राज्य की चिंताओं को राज्य चुनाव आयोग ने दरकिनार किया, वह संविधान के ढांचे एवं संविधि की भावना के अनुरूप नहीं है। विधानमंडल का मानना है कि प्रभावी टीके की उपलब्धता और कोविड-19 महामारी का खतरा टलने से पहले चुनाव कराना जनस्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए हानिकारक होगा।’