देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों की ओर से लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर हुई मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा ढेर हो गया। इस मुठभेड़ में हिड़मा और उसकी पत्नी राजे उर्फ रजक्का समेत कुल छह नक्सली मारे गये।
आंध्र प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) महेश चंद्र लड्ढा ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "पिछले एक-दो दिनों में हमें बहुत विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली कि कुछ शीर्ष माओवादी नेता आंध्र प्रदेश में घुसने वाले हैं.''
महेश चंद्र लड्डा ने बताया कि हमें पता चला, ये नक्सली नेता आंध्र प्रदेश में अपने आंदोलन को फिर से जिंदा करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में, मंगलवार की सुबह माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी हुई।
उन्होंने कहा कि इस मुठभेड़ में छह माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से माड़वी हिड़मा केंद्रीय समिति का सदस्य, प्रथम बटालियन कमांडेंट और सबसे वांछित व खूंखार माओवादियों में से एक था। उसका शव बरामद कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि हिड़मा की पत्नी राजे और उसके चार बंदूकधारियों साथियों के शव भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पास से कुछ हथियार और गोला-बारूद, विशेष रूप से दो एके-47, किट-बैग समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) ने कहा कि तय प्रक्रिया के मुताबिक पोस्टमार्टम किया जाएगा और उसके बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
कौन था माड़वी हिड़मा?
माड़वी हिड़मा ने जन्म छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुआ था। 16 साल की उम्र में ही हथियार उठा लेने वाले हिड़मा कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था. वह एक करोड़ रुपये का इनामी और वांछित नक्सली था।
माड़वी हिड़मा नक्सलियों की सबसे खतरनाक सैन्य टुकड़ी कही जाने वाली बटालियन नंबर एक का कमांडर था। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों को चकमा दे रहा था।