आंध्र प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की सुरक्षा के लिए इस्राइली कंपनी को 22.5 लाख रुपये आवंटित किए हैं। यह कंपनी रेड्डी की चार दिनों की निजी येरुशलम यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा कि जिम्मेदारी उठाएगी। यह जानकारी एक आधिकारिक आदेश के जरिए सामने आई है। यह खर्चा ऐसे समय पर सामने आया है जब वाईएसआर कांग्रेस के नेता नकदी संकट से जूझ रहे राज्य में खर्चों को कम करने के उपाय कर रहे हैं। रेड्डी दो महीने पहले ही राज्य की सत्ता पर काबिज हुए हैं।
31 जुलाई को राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने मुख्यमंत्री की एक से चार अगस्त के दौरान येरुशलम यात्रा में उनकी सुरक्षा के लिए 22,52,500 रुपये जारी करने का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि इस राशि का भुगतान रेवोट स्थित ट्रिपल एस टूर्स एंड ट्रैवल्स के माध्यम से एयरट्रावेल एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को किया जाना है।
आदेश में कहा गया है, 'आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी एक अगस्त से चार अगस्त के बीच निजी कारणों से इस्राइल के येरुशलम की यात्रा करेंगे। उनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए 22,52,500 रुपये की राशि आवंटित की जाती है।' सुरक्षा व्यवस्था के लिए 22,52,500 की राशि के लिए ट्रिपल एस टूर्स एंड ट्रेवल्स, 96, हर्जेल, सेंट रेहोवोट, इजराइल से चालान पर राशि स्वीकृत की गई है।
ताजा आदेश पिछले दो महीनों में जारी किए गए तीन अलग-अलग सरकारी आदेशों का अनुसरण करता है, जो मुख्यमंत्री के लिए घरेलू रसद और सुरक्षा के लिए धन निर्धारित करता है। 26 जून को एक सरकारी आदेश (संख्या 133) के अनुसार उनकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1.89 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें 75 लाख रुपये स्थायी बैरीकेडिंग और 40 लाख रुपये हेलिपैड, उसकी चाहरदीवारी और उनके गुंटूर में टडेपल्ली स्थित निवास के पास एक संपर्क मार्ग बनाने के लिए थे।
इससे एक दिन पहले 25 जून को एक अन्य आदेश (संख्या 132) के अनुसार जगन के आवास को राष्ट्रीय राजमार्ग 16 को जोड़ने वाली सड़क को चौड़ा करने के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। नारा लोकेश जैसे विपक्षी टीडीपी नेताओं ने जगनमोहन सरकार के इन खर्चों को राजकोष पर बोझ बताया है।
22 जुलाई को सरकारी आदेश (संखअया 160) के माध्यम से सरकार ने जगन के हैदराबाद में बंजारा हिल्स में स्थित उनके आवास लोटस पॉन्ड में सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए 24.5 लाख रुपये जारी किए। प्रदेश के मुख्य सचिव एलवी सुब्रमण्यम ने इस बारे में कहा कि राज्य का मुख्यमंत्री की सुरक्षा पर खर्च करना कोई नई बात नहीं है। हमारे सुरक्षा अधिकारी, अगर वो मुख्यमंत्री के साथ भी हों तो भी उन्हें हथियार रखने की इजाजत नहीं होती। इस कारण से व्यवस्थाएं संभालने का जिम्मा एजेंसी को दिया गया है।