सार
अंडमान और निकोबार पुलिस की सीआईडी ने एएनएससीबीएल लोन घोटाले में 50,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें कांग्रेस के पूर्व सांसद कुलदीप राय शर्मा, एएनएससीबीएल के प्रबंध निदेशक के मुरुगन और लोन मैनेजर के कलैवानन समेत 100 आरोपियों को नामजद किया गया है। अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अंडमान और निकोबार पुलिस की सीआईडी ने एएनएससीबीएल लोन घोटाले के मामले में 50,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में कांग्रेस के पूर्व अंडमान सांसद कुलदीप राय शर्मा समेत 100 व्यक्ति और फर्मों को आरोपी बनाया गया है। शनिवार को यह चार्जशीट पोर्ट ब्लेयर स्थित सीजेएम कोर्ट में पेश की गई। पुलिस ने घोटाले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।
इस घोटाले में अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कुलदीप राय शर्मा, एएनएससीबीएल के प्रबंध निदेशक के मुरुगन और लोन मैनेजर के कलैवानन शामिल हैं। शर्मा एएनएससीबीएल के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
सीआईडी अधिकारी ने दी जानकारी
सीआईडी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि जांच के दौरान 23 शेल कंपनियों की पहचान कर उन्हें बंद किया गया। इन कंपनियों का कोई वास्तविक व्यवसाय नहीं था और इनका उद्देश्य केवल उच्च मूल्य वाले लोन धोखाधड़ी से प्राप्त करना और सार्वजनिक धन का गबन करना था।
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चार्जशीट में आरोपियों पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लोन मंजूरी में क्रेडिट प्रबंधन मूल्यांकन (सीएमए) मानदंड, नाबार्ड और आरबीआई के निर्देश, एएनएससीबीएल की नीतियां और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार के आदेश का उल्लंघन किया। ये उल्लंघन जानबूझकर शेल कंपनियों और संबंधित व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए नजरअंदाज किए गए।
लोन का बड़ा हिस्सा जमीन और लग्जरी संपत्तियों को खरीदने में किया गया
बता दें कि जांच के दौरान दस से अधिक तलाशी और जब्ती अभियान चलाए गए, जिसमें कार्यालय, आवास और व्यावसायिक परिसरों से दस्तावेज, लोन फाइलें, संपत्ति पत्र, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक रिकॉर्ड और रजिस्टर जब्त किए गए। इसके साथ ही बैंक खातों का विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट किया गया और 200 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने बताया कि इन शेल कंपनियों के माध्यम से 316.5 करोड़ रुपये के लोन का भ्रष्टाचार किया गया। राशि का बड़ा हिस्सा अचल संपत्ति, भूमि और लग्जरी संपत्तियों को खरीदने में किया गया।
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