मॉरीशस के आस-पास के इलाकों में तेल रिसाव की वजह से वहां पर्यावरण आपातकाल लगा दिया गया। पिछले तीन दिन वहां तेल रिसाव को नियंत्रण करने के लिए ऑपरेशन चलाया जा हा है। इसमें ऑपरेशन में मॉरीशस की मदद करने भारत भी आगे आया है।
भारत में बना ध्रुव लाइट हेलीकॉप्टर को मॉरीशस में फंसे जहाज से तेल निकालने के लिए तैनात किया गया है। गुजरात के गांधीनगर के पीआरओ डिफेंस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इसकी जानकारी दी है।
इससे पहले कल भारत सरकार ने मॉरीशस में हुए तेल रिसाव में मदद करने के लिए भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए 30 टन से अधिक तकनीकी उपकरण और सामग्री भेजी थी। मॉरीशस की सरकार ने भारत से इस पर्यावरणीय संकट से निपटने के लिए सहायता मांगी थी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन विशेष उपकरण में ओशन बूम, रिवर बूम, डिस्क स्किमर्स, हेली स्किमर्स, पावर पैक, ब्लोअर्स, साल्वेज बार्ज और ऑयल एब्जॉर्बेंट ग्राफीन पैड्स और अन्य सामान शामिल हैं। इन्हें विशेष रूप से ऑइल स्लीक, पानी से युक्त स्किम ऑइल को हटाने में प्रयोग किया जाता है और ये सफाई और बचाव कार्यों में सहायता करते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि दस सदस्यीय तकनीकी रिस्पांस टीम में भारतीय तटरक्षक बल के कर्मी शामिल हैं। ये टीम विशेष रूप से तेल रिसाव रोकथाम उपायों से निपटने के लिए प्रशिक्षित है। इन्हें मॉरीशस में तैनात किया गया है ताकि साइट पर आवश्यक तकनीकी और परिचालन सहायता का विस्तार किया जा सके।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की सहायता हिंद महासागर क्षेत्र में अपने पड़ोसियों के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत का विस्तार करने की नीति के अनुरूप है। तत्काल सहायता भारत और मॉरीशस के बीच दोस्ती के करीबी और भारत की मॉरीशस के लोगों की सहायता करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।