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अमूल बनाम नंदिनी: एक साधारण कॉर्पोरेट प्रतिस्पर्धा बनी बड़ा चुनावी मुद्दा, भाजपा पर एक राष्ट्र एक अमूल का आरोप

Wed, 12 Apr 2023 06:15 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, बंगलूरू।

सार

गुजरात की सहकारी दुग्ध कंपनी आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (अमूल) ने 5 अप्रैल को कर्नाटक में दूध और दही बेचने का एलान किया। अमूल के एलान को शाह के बयान से जोड़ते हुए विपक्ष ने 49 साल पुराने कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) की नंदिनी को अमूल में मिलाने की साजिश बताया।
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Amul Milk vs Nandini milk - फोटो : Agency
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विस्तार
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कर्नाटक में चुनाव से पहले दूध बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। प्रदेश के सियासी गलियारे में अमूल बनाम नंदिनी दूध को लेकर आए उबाल के बाद आरोप-प्रत्यारोपों का दौर तेज हो गया है। विपक्ष जहां इस लड़ाई को कन्नड गौरव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर पेश कर रहा है। वहीं, भाजपा इस मुद्दे को जल्द से जल्द खत्म कर सावधानी से बचना चाहती है। 

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अमूल के एलान के बाद बना मुद्दा
गुजरात की सहकारी दुग्ध कंपनी आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (अमूल) ने 5 अप्रैल को कर्नाटक में दूध और दही बेचने का एलान किया। इससे पहले केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अगर डेयरी क्षेत्र में अमूल और नंदिनी मिलकर काम करें तो चमत्कार हो सकता है। अमूल के एलान को शाह के बयान से जोड़ते हुए विपक्ष ने 49 साल पुराने कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) की नंदिनी को अमूल में मिलाने की साजिश बताया।

‘नंदिनी’ को मिटाने की साजिश : विपक्ष
विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार नंदिनी के उत्पादों की कमी पैदा करेगी और अमूल के लिए कम प्रतिस्पर्धी माहौल बना देगी, जिससे लोग अमूल के उत्पाद खरीदने को मजबूर होंगे। कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा, भाजपा नंदिनी को बेचने की कोशिश कर रही है। जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के एचडी कुमारस्वामी ने कहा, भाजपा 'एक राष्ट्र, एक अमूल' चाहती है, इसी वजह से अमूल के बड़े प्रतिद्वंदी को मिटाने का विचार रखती है।
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कांग्रेस व जेडीएस कर रहे लोगों को गुमराह : सीएम
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, कांग्रेस और जेडीएस लोगों को गुमराह कर रहे हैं। नंदिनी के अमूल में विलय की कोई योजना नहीं है। बल्कि उनकी सरकार ने नंदिनी को एक राष्ट्रीय ब्रांड बनाया है। इसके उत्पाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र में बेचे जाते हैं।
भाजपा के लिए विवाद से बचना अहम : कर्नाटक की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में केएमएफ अहम भागीदार है। कन्नड़ लोगों की भावनाएं नंदिनी ब्रांड से गहराई से जुड़ी हुई हैं। सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए यह जरूरी है कि लोग इस मुद्दे पर उसके खिलाफ नहीं हों। अन्यथा इससे सत्ता में लौटने की संभावनाओं को भारी नुकसान हो सकता है।

नंदिनी का दूध 39 तो अमूल का 54 रुपये लीटर 
केएमएफ हर रोज करीब 90 लाख लीटर दूध जमा करता है और इसका सालाना कारोबार करीब 21,000 करोड़ का है। जबकि, अमूल हर रोज करीब 1.8 करोड़ लीटर दूध जमा करता है और इसका कारोबार करीब 61,000 करोड़ सालाना है। हालांकि, कर्नाटक में प्रतिस्पर्धा के लिहाज से देखें, तो नंदिनी आगे है। क्योंकि, इसका एक लीटर टोंड दूध 39 रुपये का है, जो देश में सबसे सस्ता है। जबकि, अमूल के दूध की कीमत 54 रुपये लीटर है।

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