अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के एसएस नार्थ हॉल के सीनियर छात्र/वार्डेन वसीम के सिर में गोली मारने की घटना के नामजद आरोपी रिसर्च स्कॉलर तबरेज को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी के विरोध में कई दर्जन छात्र प्रॉक्टर कार्यालय पहुंच गए और हंगामा किया।
इन छात्रों ने तबरेज पर लगे आरोप को झूठा करार दिया। बाद में उन्हें समझाकर शांत कर वापस भेज दिया गया। छात्रों के हंगामे को देखते हुए तबरेज को सिविल लाइंस के बजाय क्वार्सी थाने लाकर रखा गया। इस खबर पर कुछ छात्र वहां भी पहुंच गए। उन्हें वहां से भी वापस भेज दिया गया।
वाकया इसी साल 25 जनवरी की देर रात का है, जब बिहार के सहरसा के रहने वाले एसएस नार्थ के वार्डेन रिसर्च स्कॉलर वसीम को कैंपस के अंदर बाइक से हॉस्टल लौटते समय गोली मारी गई थी। गोली वसीम के सिर में लगी थी और लंबे समय तक वसीम का गुडग़ांव के मेदांता हॉस्पिटल में इलाज चला था। इस हमले में एएमयू के ही एसएस नार्थ में रहने वाले रिसर्च स्कॉलर तबरेज निवासी सीवान बिहार आदि को घायल ने अपने बयान में आरोपी बनाया था।
गिरफ्तार युवक (फाइल फोटो)
इसी आधार पर अदालत ने विवेचना व साक्ष्य संकलन के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट प्राप्त किए। इसके आधार पर तबरेज को गिरफ्तार कर लिया गया। जैसे ही यह खबर कैंपस में तबरेज समर्थक छात्रों में फैली तो काफी संख्या में छात्र प्रॉक्टर ऑफिस पहुंच गए। वहां हंगामे के बाद उन्हें समझाकर शांत कर दिया गया।
हालांकि घटना सिविल लाइंस में दर्ज है और वहीं की पुलिस ने यह गिरफ्तारी की। मगर जब पुलिस को हंगामे की खबर लगी तो एहतियातन तबरेज को वहां से क्वार्सी शिफ्ट कर दिया गया। इस खबर पर कुछ छात्र क्वार्सी भी पहुंचे। मगर वहां से भी उन्हें वापस भेज दिया गया।
बताया गया है कि पिछले वर्ष एएमयू छात्रसंघ चुनाव की रंजिश को लेकर यह हमला हुआ था। बता दें कि पहले ही दिन से नामजदगी को झूठा करार दिया जा रहा है। मगर पुलिस ने घायल के बयानों के आधार पर कार्रवाई की है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस विनोद कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।