चक्रवाती तूफान अम्फान बुधवार दोपहर से शाम के बीच पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट से टकराने के लिए पूरी तरह तैयार है। तूफान के दौरान 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। यह तूफान अपने साथ बारिश लेकर आएगा। अधिकारियों ने पहले ही तूफान को लेकर चेतावनी दी है कि इससे फसल और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच अम्फान से भूस्खलन होने की आशंका है। वहीं मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि सुपर साइक्लोन के कारण केरल में मानसून के आने में देरी होने की संभावना है।
यहां जानिए चक्रवात तूफान अम्फान के बारे में सबकुछ
- चक्रवात की गति से सबसे ज्यादा दो राज्य पश्चिम बंगाल और ओडिशा प्रभावित होंगे। हालांकि इसका असर सिक्किम, असम और मेघालय पर भी दिखाई देगा।
- तूफान के कारण ओडिशा के प्रभावित होने वाले जिले- जगतसिंहपुर, भद्रक, बालासोर और केंद्रपाड़ा हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में पूर्वी मिदनापुर, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना पर इसका असर पड़ेगा। ओडिशा के तटीय जिलों में बारिश शुरू हो चुकी है और पारादीप में तेज हवाएं चल रही हैं।
- भारत और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में लगभग 4.2 मिलियन (42 लाख) लोगों को सुरक्षा के मद्देनजर स्थानांतरित किया गया है।
- सोमवार को बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में जब अम्फान तूफान घूम रह था तो इसकी लंबाई 700 किमी और ऊंचाई 15 किमी थी।
- चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी वर्षा और उत्तर तटीय ओडिशा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। यह 20 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, 21 मई को असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी वर्षा का कारण बनेगा।
- राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की ओडिशा में 15, पश्चिम बंगाल में 19 और बचाव और राहत प्रयासों के लिए दो टीमें तैनात हैं।
- पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में खगोलीय ज्वार (एस्ट्रोनॉमिकल टाइड) से चार से छह मीटर ऊपर तूफान बढ़ने की उम्मीद है। तीन जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है।
- कोलकाता, हुगली और हावड़ा में हवा की गति 110 किमी प्रति घंटे से 120 किमी प्रति घंटे के बीच होने की संभावना है। जो 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक बढ़ सकती है। वहीं 75 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने की आशंका है।
- अम्फान को बंगाल की खाड़ी में सबसे तीव्र चक्रवात बताया गया है।
- ओडिशा में आए चक्रवाती तूफान से लगभग 10 हजार लोगों की जान चली गई थी। वहीं इसके आठ साल बाद, बांग्लादेश में तूफान और बाढ़ से 1,39,000 मारे गए थे।