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पनामा पेपर्स लीकः काला धन छिपाने वालों में अमिताभ और ऐश्वर्या भी

Mon, 04 Apr 2016 02:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अमिताभ बहामास की चार कंपनियों के डायरेक्टर थे, जबकि ऐश्वर्या भी एक फर्जी फर्म से जुड़ी थीं।
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काला धन छिपाने के लिए मशहूर मुल्क पनामा की कंपनी मोजाक फोंसेका (Mossack Fonseca) के दस्तावेजों में तकरीबन 500 भारतीयों का जिक्र भी है। बॉलीवुड के मशहूर सितारे अमिताभ बच्चन, उनकी बहू ऐश्वर्या रॉय बच्चन और रीयल इस्टेट टायकून केपी स‌िंह, मृतक गैंगस्टर इकबाल मिर्ची समेत 500 भारतीयों ने मोजाक फोंसेका का इस्तेमाल कर दुनिया भर में फर्जी कंपनियां बनाई और काला धन छिपाया। 
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इंडियन एक्‍सप्रेस ने पनामा की लॉ फर्म मोजाक फोंसेका की गोपनीय फाइलों के 11 मिलियन दस्तावेजों की जांच के बाद दावा किया कि 500 भारतीय नागरिकों ने संभवतः टेक्स के नियमों का उल्‍लंघन किया या विदेशों में फर्जी कंपनियां बनाकर काला धन छिपाया। समाचार पत्र ने दावा किया ‌कि ऐश्वर्या रॉय ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड की एक फर्म में शेयर होल्डर थीं, जबकि अमिताभ बच्चन बहामास की चार शिपिंग कंपनियों के डायरेक्टर थे। इं‌डियाबुल्स के मालिक समीर गुलाटी ने बहामास और जर्सी की कंपनियों के जरिए लंदन में प्रॉपर्टी की खरीद की। डीएलएफ प्रमोटर केपी सिंह और परिजनों की भी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कंपनियां हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी, पश्चिम बंगाल के राजनीतिज्ञ शिशिर बाजोरिया और आंध्र प्रदेश की लोकसत्ता पार्टी के पूर्व नेता अनुराग केजरीवाल का नाम भी काला धन छिपाने वालों की सूची में शामिल है।
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2003 तक विदेशों में कंपनियां बनाना गैरकानूनी था

भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों का जमा है कालाधन
उल्लेखनीय है‌ कि 2003 रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, विदेशों में कंपनियां बनाना गैरकानूनी था। 2004 में भारतीय नागरिकों को Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत 25,000 डॉलर प्रतिवर्ष व‌िदेशों में रखने की छूट दी गई। फिलहाल ये रकम 250,000 डॉलर प्रतिवर्ष है। 

इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया कि आरबीआई ने कभी भी LRS के तहत विदेशों में कपंनी बनाने का अधिकार नहीं दिया, बल्‍कि शेयर खरीदने का अधिकार दिया। मोजाक फोंसेका के दस्तावेजों के मुताबिक, विदेशों में भारतीयों द्वारा कपंनियां आरबीआई के नियम बनाने के कई साल पहले बनाई गई, जिसका मकसद विदेशों में धन छुपाना था। 

इं‌डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट अंतररष्ट्रीय स्तर पर बने कई मीडिया संस्‍थानों के संगठन 'The International Consortium of Investigative Journalism' की पड़ताल की कड़ी है। आईसीआईजे में शामिल 100 मीडिया संस्थानों के 300 से ज्यादा पत्रकारों ने मोजाक फोंसेका के दस्तावेजों की जांच की थी। जांच में दुनिया के कई ताकतवर नेताओं, खिलाड़ियों और फिल्‍मी सितारों के लेनदेन को शामिल किया गया। 
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फर्जी कंपनियों से जुड़े थे अमिताभ और ऐश्वर्या  

इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि 1995 में अमिताभ बच्‍चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL) के लॉन्‍च से दो साल पहले सुपर स्‍टार अमिताभ बच्‍चन को चार शिपिंग कंपनियों में डायरेक्‍टर बनाया गया था। 

Mossack Fonseca के दस्तावजों के मुताबिक, ये चारों कंपनियां काला धन छुपाने के लिए मशहूर देशों यानी टेक्स हैवन में पंजीकृत की गईं। इन कंपनियों के नाम सी बल्‍क शिपिंग कंपनी लिमिटेड, लेडी शिपिंग लिमिटेड, ट्रेजर शिपिंग लिमिटेड और ट्रैंप शिपिंग लिमिटेड ‌थे। पहली कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में पंजीकृत थी, जबकि शेष बहामास में थीं। 

इन कंपनियों का टर्न ओवर 5, 000 से 50,000 डॉलर दिखाया गया, इंडियन एक्सप्रेस का दावा है कि जिन जहाजों से कंपनियां व्यापार करती थीं, वे करोड़ों डॉलर के थे। अमिताभ इन कंपनियों के प्रबंध निदेशक थे। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, जांच में पाए गए तथ्यों पर अमिताभ ने अब तक अपना पक्ष नहीं रखा है। अमिताभ की बहू एश्‍वर्या रॉय और उनके परिवार के सदस्य तीन साल तक ऐसी कंपनी से जुडे़ रहे, जो कि ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में पंजीकृत थी। 

 
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