बता दें 30 जनवरी को रद्द किए गए रैली के कार्यक्रम के बाद शाह ने 31 जनवरी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बंगाल में एक रैली को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने बंगाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार 'जन कल्याण' के लिए काम कर रही है और बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार 'भतीजा कल्याण' की दिशा में काम कर रही है।
पूर्व भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि ममता बनर्जी के राज में बंगाल में स्थिति वाम शासन से भी बदतर हो गई है। बंगाल के लोगों की आकांक्षाओं पर मुख्यमंत्री ममता खरी उतरने में सफल नहीं रही हैं, इसलिए तृणमूल के नेता अब भाजपा में शामिल हो रहे हैं। शाह ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी को आत्मचिंतन करना चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री के अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ममता बनर्जी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने शनिवार को पश्चिम बंगाल के नादिया में एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, " मां, माटी, मानुष के नाम पर आई सरकार ने बंगाल की जनता के साथ धोखा किया है। इस सरकार के राज में बंगाल में सिर्फ तानाशाही, प्रशासन का राजनीतिकरण, पुलिस का क्रिमिनलाइजेशन और भ्रष्टाचार का इंस्टीट्यूशनाइजेशन हुआ।" नड्डा ने आगे कहा कि बंगाल की जनता के स्वास्थ्य की चिंता प्रधानमंत्री मोदी ने की थी। अब मुख्यमंत्री ममता जाएंगी तब रास्ते का रोड़ा खत्म होगा और प्रधानमंत्री मोदी की आयुष्मान भारत योजना का लाभ बंगाल की जनता को भी मिल सकेगा।