कर्नाटक में शक्ति परीक्षण में भाजपा के विफल होने के बाद सरकार बनाने की तैयारी कर रही कांग्रेस और जदएस के गठजोड़ को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नापाक करार दिया है। उन्होंने इस गठबंधन के लंबा चलने पर संदेह जताते हुए कहा कि पार्टी पर लगे विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शाह ने कहा कि पार्टी ने किसी तरह हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश नहीं की। कांग्रेस ही न सिर्फ हॉर्स ट्रेडिंग में लिप्त रही बल्कि उसने पूरा अस्तबल ही खरीद लिया।
कांग्रेस-जदएस का गठजोड़ नापाक, ज्यादा दिन नहीं चलेगा: शाह
एक खबरिया टीवी चैनल के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह राहुल के बयानों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने विश्वास जताया कि 2019 का लोकसभा चुनाव में भाजपा 2014 के चुनाव से भी बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया और हम 104 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी बने। कांग्रेस को जनता ने खारिज किया है लेकिन गांधी के नेतृत्व में पार्टी जदएस के साथ पिछले दरवाजे से सत्ता में घुसने की कोशिश की है। नतीजों से ही जाहिर है कि हमने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस की तरह गलत प्रक्रिया नहीं अपनाई।
गठबंधन सरकार का एकमात्र मकसद भाजपा को सत्ता से दूर रखना
शाह ने कहा कि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान जदएस कांग्रेस पर सीधे हमले करती रही। ऐसे में यह गठबंधन किस सिद्धांत पर आधारित माना जाएगा। इसका एकमात्र मकसद तो भाजपा को प्रदेश की सत्ता से बेदखल करना है। कांग्रेस द्वारा खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए जाने के जवाब में शाह ने कहा कि हॉर्स ट्रेडिंग निश्चित तौर पर गलत है लेकिन कांग्रेस ने तो पूरा अस्तबल ही खरीद लिया।