केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मानसून के दौरान देश में बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए गुरुवार शाम एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक गृह मंत्रालय के कार्यालय में शाम चार बजे शुरू हुई। दरअसल, केरल में तीन दिन पहले मानसून और तमिलनाडु, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हुई भारी बारिश के मद्देनजर केंद्र सरकार सतर्क हो गई है।
एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने आज बाढ़ की तैयारियों पर सभी एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक की। NDRF सभी राज्य सरकारों के संपर्क में है और राज्यों ने कुल 67 टीमों की मांग की है जो हमने उपलब्ध करवा दी है और इसके अलावा 200 से अधिक टीमें हमारे पास रिजर्व में रहेंगी।
वहीं इस बैठक से जुड़े अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि यह एक वार्षिक समीक्षा बैठक है। इस बैठक में गृह मंत्री तैयारियों का जायजा लेते हैं और केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने के निर्देश देते हैं ताकि बाढ़ की भविष्यवाणी और जल स्तर में वृद्धि के लिए एक स्थायी प्रणाली हो सके। गृह मंत्री ने पिछले साल 15 जून को भी इसी तरह की बैठक की थी।
बैठक में कई बड़े मंत्री मौजूद थे
बैठक में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री गजेंद्र शेखावत, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के महानिदेशक और केंद्रीय जल आयोग के महानिदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
केंद्रीय गृह मंत्री से जल शक्ति मंत्रालय को बड़े बांधों से गाद निकालने के लिए एक तंत्र तैयार करने की सलाह देने की उम्मीद है, जिससे बांध भंडारण क्षमता बढ़ाने और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री एनडीआरएफ को बाढ़ प्रभावित राज्यों के राज्य आपदा प्रतिक्रिया बलों के प्रमुखों के साथ बैठक करने का भी निर्देश दे सकते हैं।
भाजपा ने हमेशा तेलंगाना के गठन का समर्थन किया है: शाह
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कभी किसी राज्य के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया और उनकी पार्टी ने हमेशा तेलंगाना के गठन का समर्थन किया है। तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस के मौके पर यहां आयोजित एक समारोह में शाह ने कहा कि अलग तेलंगाना राज्य इस तरह बनाया गया कि इससे कटुता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले आठ साल में तेलंगाना में 2,52,202 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। शाह ने कहा कि हमने विभिन्न मदों के तहत पैसा भेजा। तेलंगाना हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में रहा है, लेकिन दुर्भाग्य से हमें राज्य से बहुत ज्यादा समर्थन नहीं मिला।