शाह ने हालदा गांव में जनसंपर्क भी किया। इस दौरान व्यवस्था में खामियों पर प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को कड़ी फटकार लगाई। दरअसल शाह को जिन पांच घरों में जनसंपर्क करना था, वहां उनके बैठने की व्यवस्था नहीं थी। शाह इन घरों में परिवार के सदस्यों के साथ बैठ कर बातचीत करना चाहते थे। हालांकि बाद में जनसभा में उमड़ी भीड़ से शाह बेहद संतुष्ट नजर आए।
यूपीए शासन के मुकाबले केंद्र से दिए अधिक
शाह ने पूर्व यूपीए सरकार के मुकाबले केंद्र से ज्यादा धन मिलने के बावजूद मोदी सरकार की योजनाओं को लागू नहीं करने के लिए भी ममता बनर्जी सरकार की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विकास योजनाएं तृणमूल कांग्रेस सरकार की वजह से राज्य के लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि यूपीए सरकार के दौरान 13वें वित्त आयोग ने राज्य को महज 1 लाख 32 हजार करोड़ रुपये दिए थे, जबकि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार में 14वें वित्त आयोग ने बंगाल को 3 लाख 60 हजार करोड़ की रकम दी है।
उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल का विकास नहीं हुआ है लेकिन तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को ज्यादा अधिकार मिल गए हैं। शाह ने कहा कि राज्य में तमाम फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। यहां सिर्फ बम बनाने वाली फैक्ट्रियां चल रही हैं।
इससे पहले कोलकाता से हेलीकॉप्टर से बीरभूम जिले के तारापीठ पहुंचे अमित शाह ने भारी सुरक्षा के बीच मशहूर तारा मां मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष व शाह के पहुंचने पर ढोल बजा कर उनका स्वागत किया गया।
शाह ने मौके पर जुटी भीड़ की ओर हाथ हिला कर उनका अभिवादन किया। भीड़ लगातार जय श्रीराम और भाजापा जिंदाबाद के नारे लगा रही थी। मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति के सदस्य शाह को लेकर मंदिर के गर्भगृह में गए।
भीतर पूजा-अर्चना करने और लगभग 25 मिनट मंदिर में गुजारने के बाद शाह ने तारापुर स्थित एक स्कूल में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की एक बैठक को भी संबोधित किया। वहां एक भाजपाई के घर दोपहर के भोज के बाद शाह हेलीकॉप्टर से पुरुलिया रवाना हो गए। पुरुलिया में पार्टी के संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत भाजपा प्रमुख ने लांगदा गांव में जाकर लोगों से मुलाकात की। गांव की कच्ची व संकरी गलियों से गुजरते हुए उन्होंने पांच कच्चे मकानों में जाकर वहां रहने वाले लोगों से मुलाकात भी की।