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पुलिसकर्मियों के बीच बोले गृहमंत्री अमित शाह- यह थर्ड डिग्री का युग नहीं

Wed, 28 Aug 2019 12:00 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के स्थापना दिवस समारोह में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : ANI
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दिल्ली में ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के स्थापना दिवस समारोह में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह थर्ड डिग्री का युग नहीं है, हमें जांच के लिए वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करने की आवश्यकता है। 
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब देश की राष्ट्रीय सुरक्षा बरकरार रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। इसके लिए देश की सुरक्षा बहुत जरूरी है। देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को बनाए रखने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि 34 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों ने आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है। "पुलिस सुधारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमें बदलती चुनौतियों के अनुसार पुलिस बल में सुधार लाने की आवश्यकता है। लेकिन पुलिस सुधार एक बहुत बड़ी अवधारणा है और इसलिए इसे ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा फिर से डिजाइन करने की आवश्यकता है। 
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उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CRPC) और भारतीय दंड संहिता (IPC) में आवश्यक परिवर्तन करने के लिए देश भर में एक परामर्श प्रक्रिया भी शुरू होनी चाहिए। सभी को इस से संबंधित अपने सुझाव गृह मंत्रालय को भेजने चाहिए। हमें सीआरपीसी और आईपीसी में परिवर्तन लाने की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

गृहमंत्री शाह ने फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, ताकि दोषियों को तेजी से पकड़ा जा सके। इससे हमें पीड़ितों को त्वरित न्याय प्रदान करने में मदद मिलेगी और जनता के बीच अपराध करने की मानसिकता भी कम हो जाएगा। 
गृहमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस विश्वविद्यालय और फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। हर राज्य में इससे जुड़े कॉलेज होंगे। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने इस बारे में एक मसौदा भेजा है, इसे जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
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