भाजपा अध्यक्ष ने एक कार्यक्रम में शनिवार को कहा, ‘मैंने मायावती की प्रेस कांफ्रेंस देखी थी। इसमें उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा था, बसपा नहीं चाहती कि देश में मजबूत सरकार हो। बसपा चाहती है कि देश में मजबूर सरकार हो। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी स्पष्ट करें कि वह मजबूत सरकार चाहते हैं या मजबूर सरकार। मगर वह नहीं कर रहे। इसका मतलब वह मायावती से सहमत हैं। मैं देश से पूछना चाहता हूं कि आपको भ्रष्टाचार से लड़ने वाली सरकार चाहिए या भ्रष्टाचार करने वाली।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि महागठबंधन एक ढकोसला है। ऐसा कुछ नहीं होने वाला। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक राज्य का क्षेत्रीय नेता दूसरे राज्य में जाकर क्या कर लेगा। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर पांच राज्यों के चुनाव परिणामों का असर 2019 के आम चुनावों पर पड़ेगा। हम छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में फिर सरकार बना रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गठबंधन का पूरे देश में कहीं कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन, उत्तर प्रदेश में इसका असर पड़ सकता है। वहां अगर बसपा और सपा साथ आती हैं तो भाजपा के लिए निश्चित तौर पर चुनौती होगी, लेकिन भाजपा बीते कई चुनावों से 44-45 फीसदी वोट हासिल कर रही है। हमें 6 प्रतिशत वोट का फासला काटना है। इन दो पार्टियों के विरोधाभासी वोट भी 6 प्रतिशत से ज्यादा होते हैं। इससे निपटने के लिए हमने अपने संगठन को ज्यादा मजबूत और पैना कर लिया है। भाजपा यूपी में 51 प्रतिशत की लड़ाई के लिए तैयार है। अब जिसको इकट्ठा होना है हो जाए।
लोकसभा चुनाव में भाजपा के एजेंडा पर अमित शाह ने कहा कि हम हर एजेंडे पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं। हमने राम मंदिर के निर्माण का वादा किया है। राम मंदिर मामले का फैसला जल्दी आए तो बेहतर होगा। भाजपा का मानना है कि राम मंदिर बिना किसी देरी के उसी जगह पर बनना चाहिए।
राफेल विमान पर विपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से लगातार सवाल उठाने पर अमित शाह ने कहा कि उन्हें सूचना के स्रोत का खुलासा करना चाहिए। मैं देश की जनता को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि राफेल सौदे में एक भी कौड़ी का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने को प्रतिबद्ध है। कांग्रेस राज में कोई भ्रष्टाचारी नहीं भागा, क्योंकि उन्हें समर्थन प्राप्त था। हम कठोर हैं, इसलिए वे भागे हैं।