फारूक अब्दुल्ला की नजरबंदी को लेकर विपक्षियों ने संसद में जबरदस्त हंगामा मचाया और सरकार से जवाब मांगते हुए पुछा कि आखिर वे हैं कहां। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले और कुछ अन्य सांसदों ने ये मामला सदन में उठाया। इसके जवाब में अमित शाह ने सदन में कहा- मैं चौथी बार कह रहा हूंं कि फारुक अब्दुल्ला को न तो नजरबंद किया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। अगर वह ठीक नहीं हैं तो डॉक्टर उन्हें अस्पताल ले जाएंगे। सदन को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। अगर वह स्वस्थ नहीं होते तो बाहर नहीं आते। आईयूएमएल के पी के कुन्हालीकुट्टी के सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि अब्दुल्ला अपने घर पर हैं और स्वस्थ हैं। वह मौजमस्ती में हैं।
लोकसभा में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सदन में फारुख अब्दुल्ला की अनुपस्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस नेता का कहना है कि उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। इस पर अमित शाह ने कहा कि वह घर से बाहर ही नहीं आना चाहते, उन्हें बाहर नहीं आना तो कनपटी पर गन रखकर बाहर नहीं ला सकते।
हालांकि जम्मू-कश्मीर के पू्र्व सीएम फारुक अब्दुल्ला को लेकर पैदा हुआ सस्पेंस आज खत्म हो गया है। संसद में उठे सवालों के बीच वह श्रीनगर में संवाददाताओं से बातचीत करते नजर आए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें भी नजरबंद किया गया था।
फारुक ने कहा कि मुझे घर से बाहर नहीं जाने दिया गया, अस्पताल भी नहीं जाने दिया गया था। लेकिन जब मैंने गृह मंत्री का बयान सुना कि मैं हिरासत में नहीं हूं, तो मैं बाहर आया। मैं देश से कहना चाहता हूं कि मुझे बंद किया गया था। मैं घर से निकल नहीं सकता था, कहीं जा नहीं सकता था। जब मेरा राज्य ही जला दिया जा रहा हो, मेरे लोगों को जेल में डाला जा रहा हो तो मैं घर में क्यों रहूंगा।ये वो भारत नहीं है जिसपर मुझे भरोसा है।