केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को पुडुचेरी पहुंचे। यहां उन्होंने महाकवि भारतियार मेमोरियल संग्रहालय का दौरा किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री के साथ पुदुचेरी के उपराज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन और सीएम एन रंगास्वामी भी मौजूद रहे। इसके अलावा गृहमंत्री ने अरबिंदो आश्रम का भी दौरा किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय गरीब लोगों की योजनाओं को नीचे तक पहुंचाने की जगह, जब उनके नेता आते थे तो झूठे अनुवादों से नेताओं को अलग प्रकार की सूचनाओं को पहुंचाने का काम होता था।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि संस्कृति वह साझा सूत्र है, जिसने देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक के नागरिकों को बांध रखा है और जिस दिन भारत को भू-सांस्कृतिक देश के तौर पर देखना शुरू कर दिया जाएगा, उस दिन सभी समस्याओं का अपने आप निदान हो जाएगा। शाह ने कहा कि दुनिया के सारे देश जियो-पॉलिटिकल हैं लेकिन भारत एकमात्र ऐसा देश है जो जियो-कल्चर यानी भू-सांस्कृतिक है।
उन्होंने कहा कि अगर भारत को जियो-कल्चर देश के नाते समझने की शुरूआत करेंगे तो आज की सभी समस्याओं का समाधान अपने आप हो जाएगा। कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से बंगाल तक कहीं ना कहीं एक ही संस्कृति हम सबको बांधे हुए है। संविधान हम सबके लिए सम्मानयोग्य है लेकिन बॉडिंग यानि अपनापन अगर है तो वो ये संस्कृति है, जो भारत की आत्मा है।
उन्होंने कहा किप्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में श्री अरबिंदो के सपनों का भारत बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जब तक हम उनके विचारों को नई पीढ़ी तक नहीं पहुंचाते, उनके मन में जानने की जिज्ञासा नहीं पैदा करते, तब तक उनकी 150वीं जयंती मनाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि अगर आप भारत की आत्मा को समझना चाहते हैं, तो आपको अरबिंदो को सुनना और पढ़ना चाहिए। कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से बंगाल तक, कहीं न कहीं एक ही संस्कृति हम सभी को बांधती है। इससे पहले उपराज्यपाल सुंदरराजन ने अमित शाह की यात्रा को एक ऐतिहासिक घटना बताते हुए कहा कि यह यात्रा पुदुचेरी को अपनी विकास गतिविधियों में मजबूत करेगा।