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ये हैं चीन के अमित शाह, जिनकी बनाई रणनीति से बढ़ रही है राष्ट्रपति जिनपिंग की ताकत

Tue, 13 Mar 2018 09:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक तरफ दुनिया में भारत का कद बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ चीन अपने बदलावों से चौंका रहा है। इधर मोदी-शाह की जोड़ी पर नए भारत का टारगेट है तो चीन की बढ़ती ताकत के पीछे भी एक जोड़ी की इन दिनों खूब चर्चा है। यह जोड़ी है चीन के अमित शाह और वहां के राष्ट्रपति की। जी हां चीन में भी अपनी रणनीति का लोहा मनवा चुके राष्ट्रपति के करीबी वांग हुनिंग की तुलना अमित शाह से की जा रही है। 

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यहां पीएम नरेंद्र मोदी के लिए जितना अहम अमित शाह हैं, चीन में भी वांग हुनिंग राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए उतना ही अहम हैं। चीन के अमित शाह कहे जाने वाले वांग हुनिंग भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कुशल रणनीतिज्ञ हैं। जैसे पीएम मोदी के लिए उन्हें चुनाव जिताने और सियासी जमीन तैयार करने के लिए अमित शाह जाने जाते हैं, वैसे ही चीन में वांग हुनिंग राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए यह जिम्मेदारी निभाते हैं।

हाल ही में चीन के अंदर एक संवैधानिक परिवर्तन आया है। हाल ही में चीन की संसद ने राष्ट्रपति के लिए महज दो कार्यकाल की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। दो-तिहाई की बहुमत से लिए गए फैसले ने अनिश्चितकाल तक के लिए चीन के राष्ट्रपति का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले के पीछे भी वांग की रणनीति ही है। 
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ऐसा क्या करते हैं चीन के ये अमित शाह?

वांग 'कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना' के दो जनरल सेक्रेटरी जियांग जेमिन और हू जिंताओ के लिए भी उनकी स्पीच लिखने से लेकर रणनीति बना चुके हैं। इसके बाद वांग अब जिनपिंग को दुनिया का सबसे ताकतवर नेता बनाने में लगे हैं। इंस्टिट्यूट ऑफ चायनीज स्टडीज इन दिल्ली के जेबिन के मुताबिक वांग बिल्कुल अमित शाह वाली भूमिका में हैं। वांग चुनावी गणित बैठाने से लेकर जिताऊ फॉर्मूले बनाते हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी अपने अमित शाह यानी वांग हुनिंग की कूटनीति पर पूरा भरोसा रहता है। 

जिनपिंग के कार्यकाल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाना हो या चीनी सेना की संख्या को कम कर उसे मजबूत करने की सोच, पीछे वांग ही हैं। राष्ट्रपति शिनपिंग को भी वांग के सुझाव पर फैसला लेने में ज्यादा देरी नहीं होती। पिछले कुछ समय में ही देखें तो चीन कई परियोजनाओं से विकास के दावे ठोक रहा है। भारत में मोदी-शाह की जोड़ी डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी, आधार का विस्तार देख रही है तो चीन भी वैश्विक स्तर पर कई परियोजनाओं से अपने को और मजबूत करने में जुटा है। 

'वन बेल्ट वन रोड' OBOR की ही केवल बात करें तो चीन पूरे विश्व को अपने आर्थिक फायदे के लिए जोड़ना चाहता है। यहां तक की दूसरे कई देशों में भी चीन खुद से वहां बंदरगाहों का निर्माण कर अपने व्यापार को बढ़ाना चाहता है। अपने दूरगामी परिणामों से दुनिया में जिनपिंग की ताकत बढ़ाने की सोच वांग की ही है। जिसे राजनीतिक कुशलता से वांग पहले ही भुना चुके हैं। जिनपिंग भी अपने अनिश्चितकाल के कार्यकाल से निश्चिंत हैं। 
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