यूपी में लोकसभा उपचुनाव में मिले झटके से सतर्क भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक दिनी लखनऊ प्रवास के दौरान संगठन और सरकार के कील कांटे दुरुस्त करने के साथ ही सहयोगी दलों की नाराजगी भी दूर करेंगे। शाह 11 अप्रैल को आ रहे हैं और इससे पहले ही उन्होंने बदलाव का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है। इसमें संघ की पश्चिमी-बृज क्षेत्र की समन्वय बैठक और सभी क्षेत्रों के विस्तारकों की बैठक से आई रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएगी। गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद ही शाह ने राज्य इकाई से सभी संसदीय क्षेत्रों में बूथ स्तर की स्थिति संबंधी रिपोर्ट मांगी थी।
संघ के फीडबैक के आधार पर भी तय होगा कई का भविष्य
पार्टी सूत्रों ने बताया कि शाह ने अब मंगलवार की जगह बुधवार को लखनऊ जाने की योजना बनाई है। इस दौरान जातिगत समीकरण के हिसाब से योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार के साथ इसी आधार पर विधानपरिषद के उम्मीदवारों पर भी मुहर लगेगी। बृज और काशी क्षेत्र के खाली पड़े क्षेत्रीय अध्यक्ष के पद के अलावा महानगर और जिला इकाई के संगठन का भी नया ढांचा तैयार किया जाएगा। चूंकि सपा-बसपा के साथ आने और दलित एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा विपक्ष के निशाने पर है।
बुधवार को लखनऊ में कई एजेंडों को अंजाम देंगे भाजपा अध्यक्ष
मंत्रिमंडल-संगठन विस्तार, विप चुनाव, सहयोगियों की नाराजगी दूर करना अहम एजेंडा
पार्टी में अपनों की ही नाराजगी के सुर बुलंद हो रहे हैं। ऐसे में संगठन, सरकार में बदलाव और फेरबदल में न सिर्फ क्षेत्रीय संतुलन साधा जाएगा, बल्कि सामाजिक समीकरण के तहत दलितों और पिछड़ी जातियों को अहम पद दिए जाएंगे। दरअसल उपचुनाव में हार के बाद जहां संघ ने नए सिरे से विभिन्न बैठकों के जरिए फीड बैक लिया था, वहीं शाह ने भी राज्य इकाई से बूथवार स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। इस क्रम में संघ ने पार्टी को कई अहम सुझाव दिए हैं। जबकि राज्य इकाई की ओर से भी बूथवार स्थिति संबंधी रिपोर्ट भेज दी गई है।