फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमित शाह का विपक्ष को जवाब: 'दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ेगी', कहा- परिसीमन को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम

Thu, 16 Apr 2026 06:28 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने दक्षिणी राज्यों की सीटों में कमी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने जातीय जनगणना और परिसीमन पर भी स्थिति स्पष्ट की।
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के भाषण के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ चीजें ऐसी यहां कही गई हैं, जिन्हें स्पष्ट करना जरूरी है, ताकि जनता के मन में आज रात तक कोई भ्रम न रह जाए। एक नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है कि यह जो तीन विधेयक हैं, वो आने से दक्षिण की क्षमता लोकसभा में बहुत कम हो जाएगी। हमारे दक्षिण के राज्यों को बहुत बड़ा नुकसान होगा।
विज्ञापन


दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर सफाई
उन्होंने बताया कि सदन में 543 सांसद हैं। कर्नाटक के करीब 15 फीसदी सांसद यहां आते हैं। संविधान संशोधन के बाद कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से होकर 42 हो जाएगी। आंध्र प्रदेश की अभी 25 सीटें हैं और उसका प्रतिनिधित्व 4.60% है। उसकी सीटें हो जाएंगी 38 और हिस्सेदारी 4.65 फीसदी हो जाएगी। तेलंगाना के सांसदों की मौजूदगी 3.13 फीसदी है, उनकी हिस्सेदारी 3.18 फीसदी है। मैं कह रहा हूं कि आपकी शक्ति कम नहीं होगी, बल्कि बढ़ जाएगी। अभी तमिलनाडु की हिस्सेदारी है 7.18 फीसदी है, वह बढ़कर हो जाएगी 7.23 फीसदी। केरल की हिस्सेदारी 3.68 की जगह 3.67 फीसदी हो जाएगी। ये जो दक्षिण का नैरेटिव है, 543 में से 129 सांसद दक्षिण के सांसद सदन में बैठते हैं। 23. 76 फीसदी उनकी हिस्सेदारी है। आगे 150 सांसद बैठेंगे और 23.97 फीसदी सांसद यहां बैठेंगे।



बिल को पायलट करने वाले मंत्री के रूप में मैं सदन से अगर यह कह रहा हूं तो मैं पूरी जिम्मेदारी से कह रहा हूं। मैं अमित शाह भारत का गृह मंत्री यह कह रहा हूं। कल जब मैं विस्तार से जवाब दूंगा तो और बताऊंगा, बशर्ते वे (विपक्ष) वॉकआउट न कर जाएं। केजी के बच्चों को जैसे समझाते हैं, वैसे समझा दूंगा। 
विज्ञापन


जातीय जनगणना पर भी रुख किया साफ
अमित शाह ने आगे कहा कि कुछ सदस्य कह रहे हैं कि सरकार जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती। मैं कह रहा हूं कि हम यह निर्णय कर चुकी है और जातीय जनगणना होकर रहेगी। एक भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो जनगणना हो रही है, उसमें जाति का जिक्र नहीं है। अभी इमारतों की गिनती चल रही है तो जब इनकी जाति होगी तो इसकी भी गिनती कर ली जाएगी। अभी सिर्फ इंसानों की जाति होती है तो जब उनकी गिनती होगी तब हम जातीय जनगणना करेंगे। 850 का आंकड़ा ऐसे बना है कि अगर 33 फीसदी मातृशक्ति को आरक्षण देना है तो 543 सदस्य जो बैठे हैं इसमें 50 फीसदी वृद्धि होगी और उसका 33 फीसदी माताओं के लिए आरक्षित होगा, जिसमें महिलाएं ही लड़ेंगी।

परिसीमन आयोग पर स्थिति स्पष्ट
उन्होंने कहा कि विधेयक में लिखा नहीं, मेरा समय ले लें मैं पूरा पढ़ा दूंगा। ये कह रहे हैं कि परिसीमन आयोग में आप अपने लोग बिठा दोगे। लेकिन हम बता दे रहे हैं कि हमने परिसीमन आयोग में कोई बदलाव नहीं किया है। आपका ही परिसीमन से जुड़ा कानून ही लागू है। अगर आपने कोई बदलाव या छेड़छाड़ की भी होगी, तो भी हम अब नहीं कर रहे। 

बंगाल में चुनाव हो रहे हैं। मैं स्पष्ट कर देता हूं कि यह परिसीमन आयोग की रिपोर्ट तभी लागू होगी, जब संसद इसे मंजूर करेगी। 2029 तक भी जो चुनाव होंगे, वह पुरानी व्यवस्था के तहत ही होगी। अखिलेश जी को भी डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, वे जीतेंगे नहीं, लेकिन उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। 

कुछ लोग कह रहे हैं कि हम सत्ता की लालसा के लिए यह बदलाव कर रहे हैं। मैं पूछता हूं कि 130 करोड़ का जनमत कौन मैनिपुलेट कर सकता है। आपने हमारी शक्तियों को जरूरत से ज्यादा आंक लिया है। जहां तक लोकतंत्र को खत्म करने की बात कही है, किसी की भी ताकत नहीं है इस देश से लोकतंत्र को खत्म करने की, जिन्होंने प्रयास किया इमरजेंसी के वक्त जनता ने उन्हें खत्म कर दिया, पर लोकतंत्र खत्म नहीं हुआ।
विज्ञापन


विज्ञापन
Amit Shah, Women Reservation Bill, Lok Sabha Debate, South India Representation, Caste Census India, म
Next
AU ऐप में पढ़ें