पिछले दो दिनों से संसद में एनआरसी मामले में चल रहे गतिरोध पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष सहित इसका विरोध कर रहे सभी लोगों पर तीखा हमला बोला। अमित शाह आज काफी नाराज नजर आ रहे थे। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुझे संसद में बोलने नहीं दिया गया। मैं देशवासियों को कहना चाहता हूं कि एनआरसी से किसी भारतीय का नाम नहीं काटा गया है और जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे घुसपैठिए हैं। यही नहीं इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी, ममता बनर्जी से भी कई सवाल पूछे और दोनों को सलाह भी दे डाली।
अमित शाह ने कहा कि एनआरसी मामले पर जिस तरह से देश में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है मैं साफ कर देना चाहता हूं कि इस देश पर पहला अधिकार भारतीयों का है। उन्होंने कहा भाजपा और केंद्र सरकार की प्राथमिकता देशवासियों को सुरक्षा और देश की सीमा सुरक्षित करना है। और उस ओर हमने कदम बढ़ाया है। एनआरसी मामले पर यह महज देश की जनता को गुमराह करने की एक चाल है।
यही नहीं अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी कई सवाल किए और कहा कि कांग्रेस हमेशा अपना स्टैंड बदलती रहती है। मैं राहुल से पूछना चाहता हूं कि आखिर वह चाहते क्या हैं? एनआरसी मामले में वह पहले अपनी बात करें और अपना स्टैंड भी साफ करें। देश सिर्फ राजनीति और वोट बैंक से नहीं चलता है इसलिए देश की सुरक्षा के मामले में उनका क्या कहना है बताएं।
शाह ने कहा कि घुसपैठियों और शरणार्थिंयों को लेकर जो भ्रांतियां फैलाई जा रही है वह बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और कहा कि ममता को जेनरल नॉलेज पढ़ने और उसे तेज करने की जरूरत है। वह सिर्फ भ्रांति फैलाने का काम कर रही हैं। वहीं उन्होंने ममता से कहा कि गृह युद्ध का भय फैलाकर एक बार देश को तोड़ चुके हैं, अब वह क्या चाहते हैं, त्रिणमूल कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए।