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शशि थरूर सरकार के साथ: कांग्रेस सांसद ने जनसांख्यिकी से जुड़ी समिति बनाने का स्वागत किया, पार्टी क्या बोली?

Wed, 27 May 2026 01:48 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

केंद्र सरकार ने देश में अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच के लिए उच्च-स्तरीय समिति बनाई है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसका स्वागत किया, लेकिन सही आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालने की सलाह दी। 

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शशि थरूर, कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने देश में अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से निपटने के लिए जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस कदम का स्वागत किया है। हालांकि, उन्होंने सरकार को पर्याप्त तथ्यों और आंकड़ों के बिना इसे आगे न बढ़ाने की चेतावनी दी है। थरूर ने कहा कि देश में जनसांख्यिकीय कारकों के बारे में सही तथ्य और आंकड़े होने चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को इस समिति के गठन की घोषणा की। यह समिति घुसपैठ और अन्य कारकों से पूरे भारत में होने वाले अप्राकृतिक जनसंख्या बदलावों का मूल्यांकन करेगी। शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि घुसपैठ और अन्य कारण किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए एक चुनौती हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान इस समिति की घोषणा की थी। उन्होंनेकहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन एक गंभीर मुद्दा है। 

समिति के सदस्य और अध्यक्ष

गृह मंत्री ने बताया कि इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर करेंगे। इसमें जनगणना आयुक्त, सेवानिवृत्त आईएएस दुर्गा शंकर मिश्रा, सेवानिवृत्त आईपीएस बालाजी श्रीवास्तव और डॉ. शमिका रवि सदस्य के रूप में शामिल हैं। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (विदेशी-I) इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। शाह ने कहा कि यह समिति अवैध आप्रवासन और अन्य अप्राकृतिक कारणों से होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का व्यापक मूल्यांकन करेगी। यह धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या बदलावों के पैटर्न का विश्लेषण करेगी। 

थरूर ने आंकड़ों की सटीकता पर जोर दिया

नई दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान थरूर ने आईएएनएस से बात की। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण विकास है। विभिन्न प्रकार के परिवर्तन हो रहे हैं। थरूर ने कहा कि राजनीतिक निहितार्थों पर गंभीर बातचीत से पहले हमें उन संख्याओं को समझना चाहिए जिनसे हम निपट रहे हैं। अन्यथा, लोग अधूरे डेटा का दुरुपयोग करके अनावश्यक रूप से राजनीतिक विवाद पैदा कर सकते हैं। 

जनगणना से मिलेगी मदद

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हमारे पास डेटा हो। उन्होंने सभी जनसांख्यिकीय कारकों और रुझानों को दर्शाने वाले आंकड़ों की आवश्यकता पर बल दिया। थरूर ने बताया कि राष्ट्रीय जनगणना भी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन दोनों के बीच हमें देश की वास्तविकता की अधिक सटीक तस्वीर मिलेगी। 

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