अमित शाह ने आगे कहा कि पिछले नौ सालों में केंद्र और राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में काफी काम किया है। हमने बहुत कुछ हासिल किया है और इससे कोई इनकार नहीं कर सकता। लेकिन हम सिर्फ इतने से संतुष्ट नहीं रह सकते क्योंकि, आपदाओं ने अपना रूप बदल लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आपदा प्रबंधन मंत्रियों के साथ बैठक की। चर्चाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को आपदा प्रबंधन के लिए तीन स्कीमों की घोषणा की है। अमित शाह ने तीन स्कीमों के लिए 8000 करोड़ के अधिक रुपये जारी किए हैं। गृहमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में केंद्र सरकार और राज्यों ने आपदाओं से निपटने के लिए बहुत कुछ किया है। लेकिन इतने से हम संतुष्ट नहीं है।
8000 करोड़ इन तीन स्कीम में किए जाएंगे खर्च
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अरब सागर में भीषण चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का गुजरात के तटीय इलाकों से टकराने की संभावना है। इसके लिए राज्य-केंद्र सरकार ने सभी तैयारियां कर ली है। इसी बीच मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके लिए आठ हजार करोड़ का बजट तय किया गया है। शाह ने स्कीमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्यों में प्रबंधन के लिए आधुनिक सेवाओ और उसके विस्तार के लिए 5000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 2500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे जैसे शहरों में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम शमन योजना के तहत 825 करोड़ रुपये 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए खर्च किए जाएंगे।
इतने से हम खुश नहीं हो सकते
अमित शाह ने आगे कहा कि पिछले नौ सालों में केंद्र और राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में काफी काम किया है। हमने बहुत कुछ हासिल किया है और इससे कोई इनकार नहीं कर सकता। लेकिन हम सिर्फ इतने से संतुष्ट नहीं रह सकते क्योंकि, आपदाओं ने अपना रूप बदल लिया है। उनकी तीव्रता बढ़ गई है। हमें व्यापक योजनाएं बनानी होंगी। अब कुछ नए इलाकों में भी आपदाएं आ रही हैं। इन सबके लिए हमें अपने आप को तैयार करना पड़ेगा। शाह ने कहा कि जिन राज्यों में परमाणु ऊर्जा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, उन्हें आपात स्थितियों में सख्त प्रोटोकॉल दिए गए हैं।
राज्यों के विचार पर किया जाएगा अध्ययन
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बैठक में शामिल हुए विभिन्न राज्यों के आपदा राहत मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप लोगों ने रिकॉर्ड स्तर पर जो विचार प्रस्तुत किए हैं, उनके अध्ययन के बाद विभाग की ओर से बिंदुवार राज्यों को प्रतिक्रिया दी जाएगी। आने वाले समय पर हम क्या कर सकते हैं, इस पर चर्चा करेंगे।