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गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत के बाद डॉक्टरों ने वापस लिया प्रदर्शन करने का फैसला

Wed, 22 Apr 2020 11:06 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन - फोटो : ANI
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टरों से बातचीत की। अमित शाह ने डॉक्टरों को सुरक्षा का आश्वासन दिया और उनसे अपील की कि वे उनके द्वारा प्रस्तावित सांकेतिक प्रदर्शन न करें। शाह ने कहा कि सरकार उनके साथ है। अमित शाह से बातचीत के बाद आईएमए ने प्रदर्शन का फैसला वापस ले लिया है।

 
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अमित शाह ने कोरोना वायरस के खिलाफ संघर्ष में डॉक्टरों के योगदान को सराहा। साथ ही शाह ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी दिया। गृहमंत्री की डाक्टरों के साथ यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब देशभर से कोरोना वायरस से लोहा ले रहे डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले की खबरें आ रही हैं।
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आईएमए ने दी थी प्रदर्शन करने की चेतावनी

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध-प्रदर्शन करने का एलान किया था। आईएमए ने कहा था कि सरकार को सुरक्षित कार्यस्थलों के लिए हमारी वैध जरूरतों को पूरा करना होगा। चिकित्साकर्मियों के साथ हो रही हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देश के लिए व्हाइट अलर्ट भी जारी किया था। आईएमए ने सभी डॉक्टरों और अस्पतालों से 22 अप्रैल को रात नौ बजे एक मोमबत्ती जलाकर अपना विरोध जाहिर करने के लिए कहा, साथ में केंद्र सरकार को काला दिवस मनाने की चेतावनी भी दी थी। 

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आईएमए ने कहा था कि अगर सरकार व्हाइट अलर्ट के बाद भी डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ हिंसा पर केंद्रीय कानून लागू करने में विफल रहती है तो आईएमए 23 अप्रैल को काला दिवस घोषित करेगा। देश के सभी डॉक्टर काली पट्टी लगाकर काम करेंगे।

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