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'पूर्वांचल महाकुंभ' रैली में अमित शाह ने कहा, महागठबंधन की एकमात्र नीति है नरेंद्र मोदी हटाओ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 23 Sep 2018 01:48 PM IST
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली को संबोधित किया।  इस रैली का नाम पूर्वांचल महाकुंभ है। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि महागठबंधन की एकमात्र नीति है नरेंद्र मोदी हटाओ और मोदी जी की नीति है देश से गरीबी हटाओ, भुखमरी हटाओ, असुरक्षा हटाओ।

राहुल गांधी और केजरीवाल घुसपैठियों पर स्टैंड स्पष्ट करें

उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का एक ही मंत्र है, झूठ बोलना, जोर से बोलना, सार्वजनिक बोलना और बार बार बोलना। NRC से घुसपैठियों को विपक्ष वोट बैंक की राजनीति की वजह से नहीं हटाने देना चाहती। राहुल गांधी और केजरीवाल घुसपैठियों पर अपना स्टैंड स्पष्ट करें। पूर्वांचलियों का यह कुंभ देखकर केजरीवाल जी को पता चल जाना चाहिए की दिल्ली की जनता उनसे कितनी त्रस्त हैं।



कांग्रेस ने हमेशा पूर्वांचलियों के साथ अन्याय किया

शाह ने रैली में कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद से हमेशा पूर्वांचलियों के साथ अन्याय किया है। पूर्वांचलियों का जो कुंभ मेरे सामने है , मैं इसके आधार पर राहुल गांधी और केजरीवाल साहब दोनों को कहना चाहता हूं कि आने वाले लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटें फिर से भाजपा जीतने वाली है। 

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली को संबोधित किया।  इस रैली का नाम पूर्वांचल महाकुंभ है। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि महागठबंधन की एकमात्र नीति है नरेंद्र मोदी हटाओ और मोदी जी की नीति है देश से गरीबी हटाओ, भुखमरी हटाओ, असुरक्षा हटाओ।

राहुल गांधी और केजरीवाल घुसपैठियों पर स्टैंड स्पष्ट करें

उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का एक ही मंत्र है, झूठ बोलना, जोर से बोलना, सार्वजनिक बोलना और बार बार बोलना। NRC से घुसपैठियों को विपक्ष वोट बैंक की राजनीति की वजह से नहीं हटाने देना चाहती। राहुल गांधी और केजरीवाल घुसपैठियों पर अपना स्टैंड स्पष्ट करें। पूर्वांचलियों का यह कुंभ देखकर केजरीवाल जी को पता चल जाना चाहिए की दिल्ली की जनता उनसे कितनी त्रस्त हैं।

कांग्रेस ने हमेशा पूर्वांचलियों के साथ अन्याय किया

शाह ने रैली में कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद से हमेशा पूर्वांचलियों के साथ अन्याय किया है। पूर्वांचलियों का जो कुंभ मेरे सामने है , मैं इसके आधार पर राहुल गांधी और केजरीवाल साहब दोनों को कहना चाहता हूं कि आने वाले लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटें फिर से भाजपा जीतने वाली है। 

मनोज तिवारी ने भी साधा केजरीवाल पर निशाना

पूरे देश में आयुष्मान भारत योजना लागू हो रही है केवल दिल्ली वंचित

रैली में मौजूद मनोज तिवारी ने कहा कि पूरे देश में आज आयुष्मान भारत योजना लागू हो रही है लेकिन दिल्ली इससे वंचित है क्योंकि केजरीवाल सरकार को डर है कि इतनी बड़ी योजना लागू हो गई तो गरीब जनता को राहत मिल जाएगी और वो यह नहीं चाहते। आज हमने 2019 के विजय का महासंकल्प करने के लिए इस महाकुंभ में दीप प्रज्वलित किया गया है।

पूर्वांचलवासियों ने भाजपा के लिए दरवाजा खोला था  

रैली में मौजूद मनोज तिवारी ने कहा कि 2014 में भी पूर्वांचलवासियों ने भाजपा के लिए दरवाजा खोला था और 2019 में फिर से खोलेंगे। मनोज तिवार ने आगे कहा कि रैली का समापन हम इस संकल्प के साथ कर रहे हैं की 2019 में दिल्ली की सातों सीटों के साथ देश में नरेंद्र मोदी जी की सरकार दोबारा बनाएंगे।

रैली की बात करें तो इसका मुख्य उद्देश्य पार्टी से पूर्वांचल के लोगों को भारी संख्या में जोड़ना था। रैली की तैयारियों की कमान प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और पूर्वांचल मोर्चे के अध्यक्ष मनीष सिंह ने संभाली।

पूर्वांचल क्यों जरूरी?

दरअसल, पूर्वांचली समाज दिल्ली की सभी लोकसभा सीटों और ज्यादातर विधानसभा सीटों में भारी संख्या में रहता है। यह समाज अकेले दम पर भी कई सीटों के परिणाम को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि सभी सियासी दल इसे खुद से जोड़ने के लिए विशेष उपाय करते रहते हैं।

भाजपा ने इसके लिए अपने एक विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना कर रखी है। उसने पहले सतीश उपाध्याय और फिर मनोज तिवारी को प्रदेश का अध्यक्ष बनाकर इसी वर्ग को साधने की कोशिश की है। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने में इस वर्ग की बहुत उपेक्षा की गयी थी जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा। वह 70 सीटों की विधानसभा में 32 से घटकर महज तीन सीटों पर सिमट कर रह गयी थी।

भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अगले लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा अपनी तैयारियों में कोई कमी बाकी नहीं रखना चाहती। यही कारण है कि सितंबर माह से शुरू होकर अगले साल के फरवरी माह तक लगातार हर महीने एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा।

इसमें पार्टी के शीर्ष नेता भाग लेंगे। अमित शाह की आगामी रैली के बाद युवा मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, एससीएसटी मोर्चा और महिला मोर्चा अपनी रैली करेंगे। स्वयं प्रधानमंत्री भी कुछ रैलियों में भाग ले सकते हैं।
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